मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब और कस्तूरबा ग्राम ट्रस्ट के संयुक्त उपक्रम के तहत शुरू किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि के कारण देश में ड्रोन तकनीक को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल से महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिली है। डॉ. यादव ने कहा, “नवीन तकनीकों को अपनाने में भारत अग्रणी बन रहा है। खेतों में दवा छिड़काव से लेकर कई अन्य क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ा है। उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब के मिलिंद महाजन से कहा कि प्रदेश भर के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार करने की योजना बनाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग इस दिशा में समन्वय करेगा। इस कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा और रमेश मेंदोला और कस्तूरबा ग्राम ट्रस्ट के करुणाकर त्रिवेदी उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का स्वागत मिलिंद महाजन और मुकेश हजेला ने किया। ‘ड्रोन के साथ मध्य प्रदेश की प्रगति को मिलेगी नई ऊंचाई’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ड्रोन उड़ाया। ड्रोन उड़ाते हुए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश भी विकास की नई ऊंचाइयों की उड़ान भर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मध्य प्रदेश के विशाल भौगोलिक क्षेत्र और वन संपदा के प्रबंधन में ड्रोन तकनीक मददगार साबित होगी। इंदौर में कला एवं संस्कृति के क्षेत्र का गौरव कला संकुल मई में होगा पूर्ण इसके पहले मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त यह संकुल एमजी रोड पर मराठी स्कूल की जमीन पर इंदौर स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है। कला संकुल परिसर के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। इस संकुल की लागत 55 करोड़ रुपए से अधिक है। अवलोकन के दौरान पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सहित कई जनप्रतिनिधि और और अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर महाजन ने उन्हें कला संकुल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कला क्षेत्र के इस बड़े गौरव की सराहना की। शहर के कला एवं संस्कृति क्षेत्र से जुड़े अनेक कलाकारों के लिए उचित संस्थान देने के लिए यह संकुल तैयार किया जा रहा है। इससे शहर की अपनी पौराणिक कला एवं संस्कृति क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। कला संकुल का निर्माण काम मई में पूरा हो जाएगा। इसके तैयार होने से शहर और देश-प्रदेश से जुड़े कलाकारों को सांस्कृतिक और कला गतिविधियों के आयोजन के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा। जानिए कला संकुल की खासियतें


