चेहरे पर CM साय का मास्क और कांवर में बुजुर्ग माता-पिता। देखकर लगा कि मुख्यमंत्री ही श्रवण कुमार की तरह कांधे पर तीर्थ यात्रियों को लेकर जा रहे हों। ये दृश्य दिखा रायपुर में। मंगलवार को ‘श्री रामलला दर्शन योजना की ट्रेन रवाना हुई। इसमें 850 श्रद्धालुओं को तीर्थयात्रा के लिए सरकारी खर्च पर भेजा गया। इसे लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धालुओं को हमारे ‘भांचा राम’ — श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन कराने की यह पुण्य यात्रा अनवरत जारी है। यह यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उस गारंटी को साकार कर रही है, जिसमें उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। CM साय की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया- “प्रबिसि नगर कीजे सब काजा, हृदयँ राखि कोसलपुर राजा। आज राजधानी रायपुर से “श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना” के अंतर्गत पुण्यदायी यात्रा का शुभारंभ हुआ। रायपुर रेल्वे स्टेशन से रायपुर संभाग के 850 श्रद्धालु विशेष ट्रेन के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। CM ने पोस्ट में जानकारी दी कि मार्च 2024 में शुरू हुई इस योजना से 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या भेजने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जनता के अपार उत्साह, आस्था और हमारी सरकार की प्रतिबद्धता से अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु “भांचा राम” के दर्शन कर चुके हैं। इस यात्रा के दौरान उन्हें काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन का भी सौभाग्य मिला है। 36 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री ने बताया हमारी सरकार ने इस साल 36 करोड़ का बजट इस योजना के लिए स्वीकृत किया है। बीते डेढ़ वर्षों में 27 स्पेशल ट्रेन प्रदेश के श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक, विशेषकर बुज़ुर्ग एवं वंचित वर्ग, अपने जीवन में एक बार प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के दर्शन कर सके। आवेदन की प्रक्रिया ये है


