बालाघाट में कलेक्टर मृणाल मीणा ने सीएम हेल्पलाइन की 100 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने तीन कर्मचारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया। वहीं तीन को कारण बताओ नोटिस जारी और एक कोटवार को पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। कटंगी तहसील के ग्राम जराहमोहगांव निवासी हरलाल डहरवाल की 207 दिनों से लंबित शिकायत के मामले में लापरवाही सामने आई। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम के तत्कालीन रीडर निपेंद्र उंधीरवाडे, तहसीलदार के रीडर मनीष बोरकर और जराहमोहगांव के पटवारी शिवेंद्र तिवारी को निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही, कटंगी एसडीएम केसी ठाकुर, तहसीलदार और तत्कालीन रीडर (जो वर्तमान में लामता तहसील में पदस्थ हैं) राणा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। 452 दिन लंबित शिकायत पर अतिक्रमण हटाने निर्देश इसी क्रम में, तिरोड़ी तहसील के हेमंत की 230 दिनों से लंबित शिकायत में भी लापरवाही पाई गई। इस मामले में तिरोड़ी तहसीलदार और पटवारी को नोटिस जारी किया गया है। लांजी के ग्राम कुम्हारीखुर्द के निलेश मिश्रा की 452 दिनों से लंबित शिकायत का निराकरण न होने पर कलेक्टर ने अतिक्रमण हटाने और लांजी तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। यह शिकायत भी सीएम हेल्पलाइन से संबंधित थी। जमीन रिकॉर्ड छेड़छाड़ पर कोटवार को हटाने के निर्देश खैरलांजी तहसील के ग्राम खरखड़ी निवासी रामेश्वर लिल्हारे की अतिक्रमण संबंधी शिकायत 500 दिनों से लंबित थी। इस मामले में रामू और श्यामू ने पटवारी के साथ मिलकर विष्णु का नाम जमीन के रिकॉर्ड से हटा दिया था। इस गंभीर लापरवाही के चलते कलेक्टर ने खरखड़ी के कोटवार को पद से हटाने और संबंधित पटवारी के सेवानिवृत्त हो जाने के कारण उसके शेष क्लेम रोकने के निर्देश दिए हैं।


