CP स्वपन ने बनाई शहर के लिए क्राइम फ्री स्ट्रेजिटी:ADCP से चौकी इंचार्ज तक की कार्यशैली की बनेगी रिपोर्ट; हर 10 दिन बाद करेंगे रिव्यू

पंजाब के लुधियाना में नए पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने क्राइम पर नकेल कसने और अधिकारियों की कार्यशैली को चैक करने के लिए नई स्ट्रेजिटी तैयार की है। पुलिस चौकी के इंचार्ज से लेकर ADCP की कार्यशैली पर कमिश्नर खुद नजर रखेंगे। हर 10 दिन बाद इन अधिकारियों की कार्यशैली रिपोर्ट चैक की जाएगी। जिस अधिकारी की कार्यशैली में कमी होगी पहले उसे चेतावनी दी जाएगी लेकिन फिर भी सुधार न होने पर उसका बिना देरी तबादला कर दिया जाएगा। अधिकारियों को बाकायदा टारगेट अब दिए जाएंगे। CP स्वपन बोले-अधिकारियों के लिए तैयारी किया परफॉर्मेंस चार्ट जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कहा कि हमारी 5 प्रायोरिटी थी जिसमें युद्ध नशों के विरोध, ट्रैफिक व्यवस्था,पुलिसिंग सिस्टम में सुधार,छुटपुट अपराध और बड़े अपराधों को खत्म करना। इन सभी का परफॉर्मेंस चार्ट तैयार हो गया है। अब जितने भी फील्ड अधिकारी जिनमें एडीसीपी से लेकर चौकी इंचार्ज तक की पोस्टिंग परफॉर्मेंस चार्ट के आधार पर चैक होगी। चार्ट में बनाए 10 क्राइटेरिया परफॉर्मेंस चार्ट में 10 क्राइटेरिया बनाए है। 10 दिन बाद मैं रिव्यू मीटिंग लिया करुंगा। इन अधिकारियों को टारगेट दिए जाएंगे जैसे-कितनी केस प्रापर्टी लोगों को दी, कितने नशा तस्कर पकड़े, कितने लोगों की शिकायतों को सुना गया, कितनी FIR दर्ज की गई, एनडीपीएस की प्रापर्टी कितनी अटैच की, CASO आप्रेशन कितने इलाके में किए, कितने नशेडिय़ों को नशा छुड़ाऊ केन्द्रों में पहुंचाया। पुलिस इन 6 प्रोटोकाल पर करती काम पुलिस के 6 सिक्योरिटी प्रोटोकाल होते है जिनमें -ड्रग हाट-स्पाट,छुटपुट अपराध, रेड लाइट एरिया,सिटी सीलिंग प्वाइंट,शाम की पेट्रोलिंग और स्पेशल सिक्योरिटी प्रोटोकाल होता है। जो की संवेदनशील और शकी इलाकों में हर समय पेट्रोलिंग करते है। इन 6 प्रोटोकाल को रिव्यू किया जा रहा है। डीसीपी लेवल के अधिकारियों को इन कार्यों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। कोई बड़ी वारदात होने पर इन्हीं अधिकारियों ने मौके पर पहुंचे तय करना है कि कहां कौन से गाड़ी और फोर्स भेजनी है। करीब 10 दिन में यह भी 6 प्रोटोकाल लागू कर दिए जाएंगे। कुछ ही दिनों में माक ड्रिल भी शुरू हो जाएगी। CP स्वपन शर्मा ने कहा कि जो भी व्यक्ति उनसे मिलने आ रहा है उनसे पूछा जाएगा कि वह उनसे या डीसीपी से मिलने क्यों आ रहे है क्या उनकी थाना में सुनवाई नहीं हुई। यदि दूसरी बार आ रहा है तो एसीपी लेवल के अधिकारियों का भी एनालाइज किया जाएगा।

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