DIG ने कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया:पुराने और लंबित मामलों का अभियान चलाकर निराकरण के निर्देश, शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की

जशपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में DIG-SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में अनुविभागवार अपराध समीक्षा बैठक ली। जिसमें जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, एसडीओपी, थाना-चौकी प्रभारी और अलग-अलग शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में डीआईजी-एसएसपी ने सभी अधिकारियों से संक्षिप्त परिचय प्राप्त किया। इसके बाद अनुविभागवार थाना और चौकी स्तर पर लंबित अपराधों, चालानों, मर्ग मामलों और शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की गई। लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुराने और लंबित मामलों का विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने पुलिस मुख्यालय, महानिरीक्षक कार्यालय और वरिष्ठ कार्यालयों से जारी परिपत्रों-निर्देशों के पालन की स्थिति की भी समीक्षा की। अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के निर्देश DIG ने गौ-तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशीली दवाओं के कारोबार सहित अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों, अंतरराज्यीय मार्गों और प्रमुख चेक-पॉइंट्स पर सघन नाकाबंदी कर सख्त चेकिंग अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। वाहन चालाकों पर होगी चालानी कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए डीआईजी ने ओवर स्पीड, नशे में वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाकर दुपहिया वाहन चलाने और मालवाहकों में सवारी ढोने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना होने की स्थिति में घायलों को त्वरित उपचार मिले, इसके लिए पुलिस की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। जागरूकता अभियान पर दिया जोर कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए मुखबिर तंत्र को और अधिक सक्रिय करने, विश्वसनीय सूचना तंत्र विकसित करने और सूचना देने वालों की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही रायपुर की तर्ज पर जिले में ‘पुलिस मितान’ तैयार कर गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने की योजना पर भी जोर दिया गया। विवेचकों की कार्यप्रणाली की प्रतिदिन मॉनिटरिंग डीआईजी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी फरियादी थाना या चौकी से निराश होकर न लौटे। सभी शिकायतों पर शालीनता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। विवेचकों की कार्यप्रणाली की प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर विवेचना की गुणवत्ता सुधारने और दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

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