अलवर के MIA में स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहे करीब 100 डॉक्टर काम नहीं कर रहे हैं। वे डीन के कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि स्टाइपेंड जारी किया जाए। जो नहीं मिला है। जिससे उनके खाने-पीने का संकट हो गया है। एक-एक डॉक्टर का करीब डेढ़ लाख रुपए से अधिक स्टाइपेंड जुलाई 2025 से बाकी है। जिसको लेकर पहले भी डीन को कई बार पत्र लिखे हैं। अब हड़ताल पर उतर आए हैं। डॉ अतुल तिवारी ने कहा कि 2025-26 के इंटर्न हैं। हम सात माह से काम कर रहे हैं। लेकिन कोई मेहनताना नहीं मिल रहा है। नाइट ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से करते हैं। जबकि हाउस किपिंग को स्टाइपेंड मिल रहा है। हम केंद्रीय मंत्री को मैसेज भेजना चाहते हैं कि स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है। हमारी मांगे पूरी की जाएं। डॉ नलिनी जायसवाल का कहना है कि हमें बार-बार झूठसा आश्वासन दिया जाता है। अब हमें रिर्टन में नोटिस चाहिए। हमने सब दस्तावेज दे दिए। एम्प्लाई आईडी बना दी गई। हमने सब प्रूफ दे दिए। नियम है कि स्टाईपेंड मिलना चाहिए। अब हमने सोच लिया है कि स्टाईपेंड नहीं मिलने से पहले हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। मेडिकल कॉलेज में मरीज भी प्रभावित अचानक करीब 100 ईटर्नशिप कर रहे डॉक्टर के हड़ताल पर जाने से पूरा मेडिकल कॉलेज प्रभावित होता है। मरीजों को भी परेशानी होती है। करीब 7 महीने तक पैसा नहीं मिलने पर अब हड़ताल की है। आगे भी पैसा नहंी मिलने पर इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आने की चेतावनी दे रहे हैं।


