भिंड जिला मुख्यालय पर शनिवार को ब्राह्मण समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया। समाज के सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट से लेकर एसपी ऑफिस तक पहुंचे और आईएएस संतोष वर्मा तथा फूप टीआई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। ब्राह्मण समाज के लोग पहले कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने आईएएस संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण बेटियों को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी का विरोध जताया। समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार रंजीत सिकरवार को सौंपा। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वाला अधिकारी पद पर बने रहने योग्य नहीं है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद ब्राह्मण समाज के लोग एसपी ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने फूप कस्बे में दीपक शर्मा और प्रमोद शर्मा के परिवार के साथ कथित मारपीट व उत्पीड़न के मामले में फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र राजपूत और पुलिस जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना था कि टीआई सत्येंद्र राजपूत को थाने से हटाकर तत्काल सस्पेंड किया जाना चाहिए। आरोप- टीआई के संरक्षण में वसूली हो रही
ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि फूप कस्बे में टीआई की गुंडागर्दी बढ़ी हुई है और उनके संरक्षण में अवैध वसूली हो रही है। पीड़ित दीपक शर्मा ने भी कहा कि टीआई और उनके कथित निजी लोगों ने उनके परिवार से मारपीट कर झूठे केस लगाए हैं। उन्होंने रेत-गिट्टी कारोबार में अवैध वसूली के आरोप भी लगाए। परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने कहा कि जिले में ब्राह्मण समाज के साथ एकतरफा कार्रवाई हो रही है। सुरपुरा थाने में पहले झूठी एफआईआर दर्ज की गई और अब फूप में एक ही परिवार के पांच लोगों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। यदि टीआई पर कार्रवाई नहीं हुई तो समाज उग्र आंदोलन करेगा। ब्राह्मण समाज के संरक्षक भगवानदास बाबा सेंथिया ने कहा कि आईएएस संतोष वर्मा की सोच समाज में खाई पैदा करती है। ऐसे अधिकारी को तत्काल पद से हटाकर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। पदाधिकारी रमेश दुबे ने कहा कि जिले में ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया जा रहा है और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो समाज सड़क पर उतरकर विरोध तेज करेगा।


