इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार नए मरीजों के आने का सिलसिला कम हो गया है। अभी 10 मरीज एडमिट हैं। जिनमें से 4 आईसीयू में हैं। इनमें वार्ड में एडमिट मरीजों की हालत ठीक है। जबकि आईसीयू और वेंटिलेटर के दो मरीजों की हालत चिंताजनक है। इनमें एक महिला और एक पुरुष हैं। यह मामला अधिकृत तौर पर 29 दिसंबर को सामने आया था। अब तक 25 जनवरी तक 27 दिन हुए हैं। इस अवधि में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी औसतन हर दिन एक मौत हुई है। हालांकि प्रशासन अभी भी कई मौतों में कारण दूषित पानी, डायरिया नहीं मानकर कोमोरबिड (दूसरी बीमारियों से) से मौतों की वजह बताई है। 450 से ज्यादा मरीजों को एडमिट किया गया। जिनमें से अब 10 मरीज एडमिट हैं। रिटायर्ड शिक्षक की हालत चिंताजनक
उधर, शुक्रवार को यहीं रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक राजाराम बौरासी (75) को उल्टी-दस्त की तकलीफ हुई और हालत बिगड़ती गई। इस पर उन्हें डॉक्टर को दिखाया गया लेकिन सुधार नहीं हुआ। फिर और हालत बिगड़ने पर शनिवार सुबह सरकारी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। वहां पता चला कि उन्हें कमजोरी के कारण हार्ट अटैक आया है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। बेटे नीरज का कहना है कि एक दिन पहले तक वे स्वस्थ थे और चलते-फिरते थे। फिर उल्टी-दस्त के कारण डॉक्टरों को बताया तो उन्होंने बताया था कि उन्हें इन्फेक्शन है। इसके बाद हालत अब चिंताजनक है। यह खबर भी पढ़ें… इंदौर दूषित पानी- बुजुर्ग का शव रखकर प्रदर्शन इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से बुजुर्ग बद्री प्रसाद की मौत के बाद परिजन में आक्रोश है। शनिवार को परिजन ने भागीरथपुरा पुल के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान स्थानीय भाजपा पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरी खबर यहां पढ़ें… इंदौर में दूषित पानी से 27वीं जान गई इंदौर में दूषित पानी से एक और मौत होने का दावा किया गया है। भागीरथपुरा निवासी विद्या बाई (82) के बेटे शिवनारायण ने कहा- मां को 10 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत थी। घर पर इलाज चल रहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें….


