JLF का तीसरा दिन: साहित्य, कला और फैशन का संगम:विदेशी पर्यटकों ने भी दिखाई भारतीय संस्कृति से लगाव; धोती और फेस पेंटिंग रही खास

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन डिग्गी पैलेस में साहित्य, कला और फैशन के दीवानों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस साल फेस्टिवल में पहली बार आने वालों की संख्या भी काफी रही, जबकि कुछ लोग पिछले कई सालों से नियमित रूप से इस आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। गुड़गांव से आए शुमोन अपनी पत्नी पूजा के साथ पहली बार फेस्टिवल में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियों की साहित्य में गहरी रुचि है, जिसके कारण वे पूरे परिवार के साथ यहां आए हैं और विभिन्न लेखकों के सेशन में हिस्सा ले रहे हैं। आदर्श नगर की तरुषी गुप्ता पिछले तीन सालों से फेस्टिवल में आ रही हैं। उन्होंने बताया कि यहां फैशन के क्षेत्र में नए विचार और प्रेरणा मिलती है। खास बात यह है कि विदेशी पर्यटक भी भारतीय परिधानों में नजर आए, जो संस्कृतियों के मिलन का अद्भुत उदाहरण है। बापू नगर की जानवी यादव और यति कुमावत ने बताया कि वे विशेष रूप से प्रसिद्ध लेखिका सुधा मूर्ति और प्राजक्ता कोली के सेशन में भाग लेने आईं। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी उन्हें बेहद पसंद आए। इस वर्ष के फेस्टिवल में युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही, जिसमें विशाखा सिंगल और आर्ची जैन जैसे फेस पेंटिंग करके आने वाले युवा भी शामिल थे। फेस्टिवल ने साबित किया कि साहित्य, कला और संस्कृति की दुनिया में हर उम्र के लोगों की गहरी रुचि है। यहां देखें फोटोज

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