JSSC CGL पेपरलीक में बड़ा खुलासा:28 अभ्यर्थियों को दिए गए थे पेपर, इनमें से 10 पास; 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

JSSC CGL पेपर लीक मामले की सीआईडी जांच में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पेपर लीक के मास्टरमाइंड शशिभूषण दीक्षित और अन्य आरोपियों के मोबाइल से 28 अभ्यर्थियों के नाम सीआईडी मिले। ये वो नाम हैं, जिन्हें प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया गया था। इनमें से 10 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल रहे थे। जांच में पता चला है कि अभ्यर्थियों से सबसे ज्यादा वसूली शशिभूषण दीक्षित ने की है। उसके दो बैंक खाते की डिटेल्स सीआईडी को मिली है। इसमें आठ लाख रुपए से ज्यादा की रकम ट्रांसफर की गई है। वहीं एक अन्य आरोपी मनोज कुमार के खाते में एक अभ्यर्थी ने यूपीआई के जरिए एक लाख रुपए ट्रांसफर किया था। 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल सीआईडी इस मामले में अब तक 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुका है। शशिभूषण अभी जेल में है। उसे 28 मार्च को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया था। उसने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी थी। आरोपी की पत्नी के खाते में भी हुआ लेनदेन सीआईडी को आरोपियों के मोबाइल से अभ्यर्थियों के नाम के साथ उनका रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और एजेंट के नाम की भी जानकारी मिली है। इनके बैंक खातों से लेनदेन के सबूत भी मिले हैं। सीआईडी ने इस केस में एक आरोपी कुंदन कुमार को भी गिरफ्तार किया था। उसके मोबाइल से उसकी पत्नी के बैंक खाते का पता चला। उस खाते में भी पैसों का लेनदेन हुआ है। इससे साफ हो गया कि आरोपियों ने अभ्यर्थियों से पैसे लिए और उन्हें सीजीएल परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराया। सीबीआई जांच की मांग का मामला हाईकोर्ट में इस मामले में राजेश कुमार ने रातू थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस इसकी जांच कर रही थी। इसी केस को क्राइम इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने टेकओवर कर मामले की जांच शुरू की। करीब एक दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उधर, परीक्षा के बाद पेपर लीक की बात से अन्य अभ्यर्थी परेशान हैं। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, ताकि सीजीएल पेपर लीक मामले का सच सामने आ सके। हालांकि यह मामला अभी झारखंड हाईकोर्ट में लंबित है। परीक्षा से दो दिन पहले नेपाल में था अभ्यर्थियों का लोकेशन यह परीक्षा पिछले साल 21 व 22 सितंबर को हुई थी। इससे ठीक पहले ये अभ्यर्थी आरोपियों के संपर्क में थे। 19 व 20 सितंबर 2024 को इन अभ्यर्थियों के मोबाइल का लोकेशन नेपाल में मिला था। अब सीआईडी उन अभ्यर्थियों का डिटेल्स खंगाल रहा है, जिन्हें ये पेपर उपलब्ध कराए गए थे। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये आरोपियों के संपर्क में कैसे आए। आरोपियों ने जो पेपर उपलब्ध कराए थे, वे असली थे या नकली, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। सीआईडी इस मामले में आईआरबी के छह जवानों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुका है। इनके विरुद्ध दाखिल हो चुकी है चार्जशीट सीआईडी ने अबतक इस मामले के मास्टरमाइंड संदीप त्रिपाठी उर्फ शशिभूषण, मनोज कुमार, आईआरबी के निलंबित जवान कुंदन कुमार, कुंदन के साथ मिलकर एजेंट का काम करने वाले रामनिवास राय, रामनिवास के भाई निवास राय, रामनिवास के भतीजे कविराज उर्फ मोटू, रॉबिन कुमार, अखिलेश कुमार, विवेक रंजन, कौशलेंद्र उर्फ राहुल कुमार, कृष्णा स्नेही के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

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