इन दिनों पूरा मध्यप्रदेश कोहरे के आगोश में है। रविवार की सुबह कोहरे की चादर के बीच हुई। भोपाल में पूरे दिन घना कोहरा रहा। वहीं, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, उमरिया, राजगढ़ समेत कई जिलों में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चली। अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम रहेगा। सोमवार सुबह भोपाल समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। तेज सर्दी, शीतलहर और कोहरे की वजह से प्रदेश के 13 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है, जबकि भोपाल और धार में बच्चों को ठंड से राहत देने के लिए स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। दूसरी ओर, आज सुबह भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, आगर-मालवा, शाजापुर, विदिशा, सागर, दमोह, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और कटनी में कोहरा छाया हुआ है। वहीं, दिन में राजगढ़, दतिया, छतरपुर और उमरिया में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इन 13 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित भोपाल और धार में बदली स्कूल टाइमिंग ट्रेन और फ्लाइट पर असर
घने कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ रहा है। मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही है। दूसरी ओर, भोपाल एयरपोर्ट पर भी कोहरा है। इस वजह से फ्लाइट 1 घंटा तक लेट है। कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। राजगढ़ में 5 डिग्री, दतिया में 5.1 डिग्री, पचमढ़ी में 6.4 डिग्री, शिवपुरी में 7 डिग्री, रतलाम में 7.4 डिग्री, श्योपुर-मंडला में 7.6 डिग्री, खजुराहो में 8 डिग्री, खंडवा में 9 डिग्री, गुना में 9.1 डिग्री, धार में 9.2 डिग्री और उमरिया में पारा 9.4 डिग्री रहा। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.4 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में 10.8 डिग्री, इंदौर में 11.8 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में 11 डिग्री दर्ज किया गया। अगले 2 दिन इन जिलों में घना कोहरा इसलिए ऐसा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, अरबसागर से नमी आई है। इस वजह से हवा की रफ्तार धीमी है। शनिवार को भोपाल दिनभर धूप नहीं खिली। वहीं, रविवार को दोपहर में धूप निकली। वातावरण में 100 प्रतिशत नमी हो गई। जब नमी ज्यादा हो और हवा अहुत धीमी हो तो बादल भी नीचे आ जाते हैं। इस कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है। पिछले 2 दिन से प्रदेश में ऐसा ही हो रहा है। सीएम रैन बसेरे पहुंचे, जरूरतमंदों को बांटे कंबल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की रात भोपाल में यादगार-ए-शाहजहानी पार्क तलैया स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद सभी राहगीरों से चर्चा की। उनका दुःख-दर्द जाना। सभी को गर्मागर्म चाय परोसकर सभी को गर्म कंबल भी वितरित किए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पीएचक्यू के सामने लाल परेड ग्राउंड के शौर्य द्वार के पास महिलाओं और बुजुर्गों, काली मंदिर तलैया में भी गरीबों और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर
इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। मौसम विभाग ने नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चलेगी। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिल बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था।
24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।


