अंबिकापुर को झारखंड के गढ़वा से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-343 अब फोरलेन बनेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए 450 करोड़ रुपए की मंजूरी देने की घोषणा की है। इससे पहले नेशनल हाईवे-343 में अंबिकापुर से रामानुजगंज तक सड़क निर्माण के लिए 597 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है और उसका निर्माण काम भी शुरू हो चुका है। दरअसल, झारखंड के गढ़वा में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गढ़वा के विधायक-सांसद की मांग पर गढ़वा से अंबिकापुर तक फोरलेन मार्ग निर्माण की मंजूरी देने की घोषणा की है। इसके लिए उन्होंने 450 करोड़ की स्वीकृति का ऐलान किया है। अंबिकापुर से रामानुजगंज तक 2 लेन की स्वीकृति
नेशनल हाईवे-343 में अंबिकापुर से रामानुजगंज तक 110 किलोमीटर में सेमरसोत अभ्यारण को छोड़कर शेष सड़क को टू लेन बनाने का टेंडर जारी किया गया है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी हो गई है। पेड़ों की कटाई भी तेजी से की जा रही है। इसमें बड़कीमहरी से रामानुजगंज खंड में 199.5 करोड़ रुपए की लागत से 29.43 किमी सड़क और अंबिकापुर से रजपुरीखुर्द पाढ़ी खंड में 397.44 करोड़ रुपए की लागत से 49 किमी सड़क निर्माण का कार्य होगा। इस मार्ग पर हाथियों और जंगली जानवरों की क्रॉसिंग के लिए पांच अंडरपास भी बनेंगे। फिर से भेजा जाएगा प्रस्ताव
वर्तमान में अंबिकापुर से रामानुजगंज तक नेशनल हाईवे को टू लेन बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए 10 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। इसमें पेवर का कार्य भी शामिल है। फोरलेन सड़क के लिए 15 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। झारखंड सीमा में रामानुजगंज से गढ़वा तक 60 किलोमीटर सड़क निर्माण की मंजूरी नहीं मिली थी। अंबिकापुर से गढ़वा तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपए का खर्च होना बताया गया है। इसके लिए फिर से मंजूरी का प्रस्ताव भेजा जाएगा। यह भी संभावित है कि मंत्री की घोषणा के बाद झारखंड सीमा की 60 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाया जा सकता है। चलने लायक नहीं बची है सड़क
नेशनल हाईवे-343 में अंबिकापुर से रामानुजगंज तक की सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस मार्ग पर गड्ढों के बीच सड़क खोजनी पड़ रही है। अंबिकापुर से रामानुजगंज तक जर्जर हो चुके राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के कारण यात्री बसें, चारपहिया वाहन मार्ग बदलकर अंबिकापुर से प्रतापपुर होते सीधे सेमरसोत होते हुए बलरामपुर पहुंच रहे हैं। नेशनल हाईवे के अधिकारियों के अनुसार, कुछ स्थानों पर पेंच रिपेयरिंग का कार्य कराया गया था। सड़क को चलने लायक बनाया जाएगा। बरसात समाप्त होते ही नवनिर्माण शुरू हो जाएगा।


