मुरैना के पास नेशनल हाईवे 44 पर स्थित छौंदा टोल प्लाजा इन दिनों यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। यहां आए दिन लग रहे जाम के कारण वाहन चालक घंटों फंस रहे हैं। शुक्रवार शाम को हालात इतने बिगड़ गए कि जाम 4 से 5 किलोमीटर लंबा होकर करुआ गांव तक पहुंच गया। इस जाम में एंबुलेंस और मरीजों की गाड़ियां भी फंसी रहीं, लेकिन टोल प्रबंधन की लापरवाही के चलते कोई सुनवाई नहीं हुई। छौंदा टोल को 1 दिसंबर से शिवा कॉर्पोरेशन कंपनी ने टेकओवर किया है (इससे पहले पथ इंडिया यह टोल चला रही थी)। नई कंपनी के कमान संभालते ही अव्यवस्था हावी हो गई है। टोल प्रबंधन की लापरवाही और सिस्टम की खामियों के चलते शाम होते ही यहां जाम लगना आम बात हो गई है। हाईवे होने के कारण चंद मिनटों में ही यह जाम किलोमीटरों में बदल जाता है। जाम में फंसी कैंसर पीड़ित मां को होने लगीं उल्टियां
जाम की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मरीज एंबुलेंस और निजी वाहनों में तड़पते रहे। मुरैना निवासी अरविंद सिंह ने बताया, “मेरी मां उर्मिला कैंसर पीड़ित हैं। 14 घंटे की सर्जरी, कीमो और रेडिएशन के बाद उनकी हालत नाजुक रहती है। हम ग्वालियर से चेकअप कराकर लौट रहे थे, तभी शाम को टोल पर फंस गए। जाम करुआ गांव (विक्टर स्कूल) तक था। घंटों फंसे रहने के कारण मां की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां होने लगीं, लेकिन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं था।” टोल मैनेजर बोले- हम ही तो खुलवाते हैं जाम
अव्यवस्था पर जब टोल मैनेजर अनुराग तोमर से सवाल किया गया तो उन्होंने अजीब तर्क दिया। बोले- “जाम लगता है तो खुलवाते भी हम ही हैं। अभी 1 दिसंबर से चार्ज लिया है, सिस्टम में थोड़ी प्रॉबलम है, दिखवाते हैं।” वहीं, सिविल लाइन थाना प्रभारी को संपर्क करने पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ASP बोले- सिस्टम सुधारे वरना कार्रवाई होगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छौंदा टोल पर जाम की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। टोल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जाम नहीं लगना चाहिए, वे अपने सिस्टम को अपडेट करें। यदि सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।


