नरसिंहपुर में NSUI और युवा कांग्रेस ने इंदौर जल संकट और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रविवार को मंत्री का पुतला दहन किया, घंटा बजाया और उनके इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन इंदौर में दूषित पेयजल से 14 से अधिक मौतों और 150 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की घटना के बाद हुआ। बयानबाजी से पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़काने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी को असंवेदनशील बताया। इंदौर में नगर निगम की कथित लापरवाही के कारण पेयजल पाइपलाइन में गंदा पानी मिलने से यह त्रासदी हुई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि देश के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक इंदौर में ऐसी घटना होना शासन और नगर निगम की बड़ी विफलता है। युवा कांग्रेस नेता अतुल चौरसिया ने बताया कि इस हादसे में छह महीने के एक बच्चे की भी मौत हुई, जिसे उसकी मां ने कई सालों बाद जन्म दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दूषित पानी पीने से परिवार को अपना बच्चा खोना पड़ा, और सरकार व जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का रवैया संवेदनहीन है। चौरसिया ने कहा कि बयानबाजी से पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़का गया है। घंटा बजाकर कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने घंटा बजाकर प्रशासन को जगाने का प्रतीकात्मक प्रयास किया। पुतला दहन के समय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके चलते पानी की बौछारें की गईं और धक्का-मुक्की भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने का प्रयास किया गया। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवारों को न्याय मिले और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व विधायक सुनील जायसवाल, युवा कांग्रेस नेता अतुल चौरसिया, ईशान राय, अंकुर बटरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।


