पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने ओएमआरशीट में गड़बड़ी के मामले में सीएम भजनलाल शर्मा के बयान पर तल्ख पलटवार करते हुए अब जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट करके सीएम पर ओएमआरशीट गड़बड़ी की जांच केवल 2023 तक सीमित रखने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। गहलोत ने दावा किया कि सीएम और सरकार जांच एजेंसियों पर 2025-26 की भर्तियों की जांच नहीं करने का दबाव बना रहे हैं। गहलोत ने एक्स पर लिखा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह बयान हास्यास्पद और जांच को भटकाने वाला है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में पकड़े गए आरोपियों ने केवल कांग्रेस शासन में गड़बड़ी की। यह सामान्य समझ की बात है कि जो व्यक्ति 2019 में ओएमआर शीट बदलने जैसा अपराध कर रहा था और 2026 तक उसी पद पर जमा रहा तो क्या यह संभव है कि उसने भाजपा सरकार के कार्यकाल (2024-25) में अपराध करना बंद कर दिया हो? जांच पूरी होने से पहले ही सीएम अपने कार्यकाल को क्लीन चिट देकर एसओजी पर दबाव बना रहे गहलोत ने लिखा- जांच पूरी होने से पहले ही अपने कार्यकाल को ‘क्लीन चिट’ देकर मुख्यमंत्री जी क्या एसओजी (SOG) पर दबाव नहीं बना रहे हैं कि 2024, 2025 और 2026 की फाइलों को खोला ही न जाए? हम युवाओं के साथ न्याय के लिए कांग्रेस शासन सहित 11 साल पहले जब से यह खेल शुरू हुआ, तब से 2026 तक की भर्तियों की जांच की मांग करते हैं। सड़क पर रीट परीक्षा के एडमिट कार्ड कहां से आए? गहलोत ने लिखा- कल ही जोधपुर के शेरगढ़ उपखंड में सड़क पर रीट भर्ती परीक्षा 2025 के दर्जनों एडमिट कार्ड पड़े मिले हैं। वहां 100 किलोमीटर तक कोई परीक्षा केंद्र नहीं था। इसकी भी जांच की आवश्यकता है कि ये वहां कैसे पहुंचे। हां कोई अनुचित कृत्य हुआ है। सरकार को डरना नहीं चाहिए, अपने कार्यकाल की भी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए गहलोत ने लिखा- ऐसा लगता है भाजपा सरकार का उद्देश्य इस सिस्टम को सही करने और युवाओं को न्याय देने की बजाय केवल राजनीति करना है। हमारी सरकार ने गड़बड़ी मिलने पर पिछली सरकारों पर दोष मढ़ने के बजाय सख्त कार्रवाई की। RPSC सदस्य सहित 265 से अधिक लोगों को जेल भेजा। कठोरतम कानून बनाया, माफिया की संपत्ति ध्वस्त की। सरकार 2023 तक ही जांच को सीमित रखने जांच एजेंसियों पर दबाव बना रही है गहलोत ने लिखा- अब ऐसा लगने लगा है कि भाजपा सरकार राज्य की जांच एजेंसियों पर यह दबाव बना रही है कि जांच केवल 2023 तक सीमित रखी जाए। 2024-25-26 की जांच न हो। SOG ने बताया है कि 11 साल से ओएमआर शीट में गड़बड़ी की जा रही थी। SOG तो राज्य पुलिस की विंग है, उसकी बात को तो राज्य सरकार गंभीरता से ले। सीएम भजनलाल ने कहा था- गहलोत ने चार साल तक मामला क्यों दबाए रखा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में ओएमआर शीट मे गड़बड़ी करके नंबर बढ़ाने के मामले में सीएम भजनलाल शर्मा ने रविवार को पूर्व सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि ओएमआर गड़बड़ी का पता तो साल 2019 में ही चल गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गैंग का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान सरकार को इस गड़बड़ी की सूचना दे दी थी। मैं विपक्ष के नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पूछना चाहता हूं कि वह साढ़े चार साल तक मामले को दबाए क्यों बैठे रहे? यह आपकी कौनसी नैतिकता थी। आपने यूपी एसटीएफ की सूचना पर कार्रवाई क्यों नहीं की?


