छतरपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की किश्त जारी करने के नाम पर अवैध पैसे मांगने का मामला सामने आया। यह मामला ग्राम पंचायत कैरवारा, जनपद पंचायत बक्सवाहा का है। हितग्राही दानसिंह पुरूषोत्तम लोधी ने 28 नवंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि पहली किश्त मिलने के बाद उन्होंने काम पूरा कर लिया था, लेकिन दूसरी किश्त जारी नहीं की गई। अधिकारी पर पैसे की मांगने का आरोप दानसिंह ने बताया कि जब उन्होंने ग्राम रोजगार सहायक सुनील यादव से किश्त जारी करने का अनुरोध किया, तो उनसे 3,000 रुपये की मांग की गई। उन्होंने 1,000 रुपये दिए, लेकिन किश्त फिर भी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की। इसके बाद ब्लॉक समन्वयक बिन्देश पाण्डेय ने उन्हें जनपद कार्यालय बुलाकर 10,000 रुपये की मांग की और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। मामला और गंभीर तब हुआ जब एक वायरल ऑडियो भी सामने आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ नमशिवाय अरजरिया ने दोनों अधिकारियों और हितग्राही को जिला पंचायत कार्यालय में बुलाकर सुनवाई की। प्रारंभिक जांच और हितग्राही के बयान के आधार पर आरोप सही पाए गए और दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। अधिकारी का मानदेय रोका, जांच दल किया गठित जिला पंचायत सीईओ ने सुनील यादव और बिन्देश पाण्डेय का 50 प्रतिशत मानदेय रोकने का आदेश दिया। साथ ही, तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है, जिसे 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों की संविदा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई आवास योजना में भ्रष्टाचार पर सख्त निगरानी का संदेश देती है।


