PM को गाली देने वाली महिला पर दंगे का केस:डेरा बल्लां संत को भी अपशब्द कहे थे; मेडिकल स्टोर-रोड बंद होने पर भड़की थी

PM नरेंद्र मोदी और जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां के संत निरंजन दास को गालियां देने वाली महिला विवादों में घिर गई है। महिला आदमपुर पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस ने उसके खिलाफ दंगा भड़काने समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इसकी FIR सामने आई है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। दरअसल, 1 फरवरी को PM नरेंद्र मोदी डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे थे। महिला के मुताबिक PM के दौरे के चलते वह परेशान हुई। उसकी बेटी बीमार थी। पुलिस ने रोड के साथ मेडिकल स्टोर बंद कर रखा था। इससे गुस्सा होकर उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला। इससे लोगों में रोष फैल गया। पंच ने पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर केस दर्ज कर लिया। FIR में क्या, 3 पॉइंट में पढ़िए… किस धारा में क्या सजा… BNS की धारा 299: अगर कोई व्यक्ति किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से अपमान करता है, जिससे उस वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या जेल और जुर्माना दोनों की सजा हो सकती है। BNS की धारा 192: यदि कोई व्यक्ति अवैध या दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी को दंगा भड़काने के इरादे से उकसाता है, तो कानून में सजा को दो हिस्सों में बांटा गया है। यदि उकसावे के कारण दंगा वास्तव में हो जाता है, तो दोषी को एक साल तक की जेल, जुर्माना, या जेल और जुर्माना दोनों की सजा दी जा सकती है। अगर दंगा नहीं भड़कता, लेकिन उकसाने की कोशिश की गई हो, तब भी यह अपराध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में दोषी को 6 महीने तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है। 1989 की धारा 3(1): महिला के खिलाफ लगाई गई धारा 3(1) BNS का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत आती है। इस धारा में सार्वजनिक स्थान पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, अपमान करना या डराने-धमकाने जैसे कृत्य शामिल हैं। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है और दोषी पाया जाता है, तो उसे कम से कम 6 महीने की जेल की सजा दी जाती है, जिसे अपराध की गंभीरता के आधार पर 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ जुर्माना भी लगाया जाता है। इस कानून की खास बात यह है कि धारा 18 के तहत अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है। हालांकि हाल के कुछ न्यायिक फैसलों में विशेष परिस्थितियों में राहत की गुंजाइश बताई गई है, लेकिन प्रक्रिया अभी भी काफी सख्त मानी जाती है। इसके अलावा, इस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच केवल DSP या उससे ऊपर रैंक के अधिकारी ही कर सकते हैं, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी रहे। DSP स्तर के अधिकारी करेंगे जांच
यह मामला 2 फरवरी 2026 को रात 1:30 बजे आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया। चूंकि इस केस में एस.सी./एस.टी. एक्ट की गंभीर धाराएं शामिल हैं, इसलिए नियमानुसार इसकी जांच थाना प्रभारी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब इस मामले की विस्तृत जांच आदमपुर के DSP द्वारा की जाएगी। पुलिस फिलहाल महिला को जेल भेज दिया है। इस मामले पुलिस आगे की जांच कर रही है। —— ये खबर भी पढ़ें… PM को गाली देने वाली महिला मोहल्ले में भी विवादित:जालंधर में 2 बार लव मैरिज, दोनों बार तलाक; रेप के आरोप भी लगा चुकी पंजाब के जालंधर में PM मोदी और डेरा सचखंड बल्लां प्रमुख संत निरंजन दास को गालियां देने वाली महिला अपने मोहल्ले में भी विवादित है। आसपास के लोगों ने बताया है कि महिला हरदीप कौर ने 2 बार लव मैरिज की और दोनों बार तलाक हुआ। वह अपने घर में बुटीक चलाती है। उसने गांव के कुछ लोगों पर रेप का आरोप लगाकर विवाद खड़ा किया था। पूरी खबर पढ़ें…

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