धौलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के महानिरीक्षक एवं प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, प्रयागराज मंडल, रेनू पुष्कर छिब्बर ने मंगलवार को धौलपुर रेलवे स्टेशन का एकदिवसीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा सम्मेलन में भाग लिया और आरपीएफ थाने, प्लेटफार्मों व स्टेशन परिसर का गहन निरीक्षण किया। उनके साथ मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और आरपीएफ के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान छिब्बर ने रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्टेशन पर सतत निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच और गश्त को सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए और ‘मेरी सहेली’ योजना की समीक्षा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया, ताकि अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिल सके। सुरक्षा सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा धौलपुर में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन के दौरान रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा, अपराधों पर नियंत्रण, नशाखोरी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर निगरानी, मानव तस्करी की रोकथाम तथा महिला और बाल सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। रेनू पुष्कर छिब्बर ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल को अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता लानी होगी। उन्होंने जवानों से संवाद करते हुए कहा—“आप रेलवे सुरक्षा बल का वह चेहरा हैं, जो आम यात्रियों के सीधे संपर्क में रहते हैं। आपकी सजगता ही रेलवे की छवि को मजबूत बनाती है।” कर्मचारियों से संवाद, समस्याएं भी सुनीं निरीक्षण के बाद उन्होंने आरपीएफ कर्मियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य। स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक अपने धौलपुर प्रवास के दौरान छिब्बर ने रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। बैठक में स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।


