कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में मोटिवेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सचिव रामनिवास मेहता ने कहा कि आज के रीडर ही कल के लीडर बनेंगे, इसलिए जब भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें तो बारीकी से पढ़े, किसी भी टॉपिक का विस्तृत अध्ययन करें। आयोग सचिव ने विद्यार्थियों को RPSC के सभी भर्ती नियम सहित आने वाली भर्तियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में RPSC पारदर्शिता के मामले में राष्ट्र के सर्वश्रेष्ठ संस्थाओं की ओर अग्रसर है। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग एवं कृषि से सम्बद्ध आयोग द्वारा करवाई जाने वाली सभी भर्तियों की परीक्षा पद्धति, सिलेबस एवं योग्यताओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। हर समस्या का डट कर करें मुकाबला न्होंने राजस्थान एग्रीकल्चर सर्विस रूल्स 1960 क़े बारे में जानकारी देते हुए बताया की किसी भी भर्ती में आवेदन करते समय विस्तृत विज्ञप्ति को विस्तार से पढ़ना अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली हर समस्या का डट कर मुकाबला करें। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों क़े सभी प्रश्नों क़े उत्तर देते हुए आयोग को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव भी लिए। कार्यक्रम में अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो डॉ वीएस जैतावत ने की। मसाला कृषि पंचांग का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान डॉ एमएल मेहरिया, क्षेत्रीय निदेशक, अनुसंधान एवं डॉ बीआरसी कृषि अनुसंधान केंद्र की टीम की ओर से तैयार मसाला उत्पादक किसानों को समर्पित “मसाला कृषि पंचांग” का विमोचन भी किया गया। इस दौरान कुलगुरु प्रो जैतावत ने रामनिवास मेहता का आभार जताते हुए कहा की उनके द्वारा दी जानकारी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभप्रद साबित होगी। साथ ही कहा कि उन्होंने विद्यार्थियों के साथ कर्मचारियों को भी कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया है। कार्यक्रम में निदेशक, अनुसंधान, डॉ एमएम सुंदरिया ने आभार जताया। कार्यक्रम में सभी निदेशक, अधिष्ठाता, शिक्षक , वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


