RTO चालान की APK फाइल से 6.56 लाख की ठगी:एक ही शख्स के खाते में ट्रांसफर हुई पूरी रकम, ग्वालियर पुलिस हरियाणा रवाना

ग्वालियर के उपनगर मुरार में एक निजी अस्पताल में काम करने वाले लैब टेक्नीशियन के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने आरटीओ ई-चालान के नाम से एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का डेटा चोरी किया और बाद में पीड़ित के खाते से करीब 6.56 लाख रुपए की ठगी कर ली। घटना मुरार थाना क्षेत्र के काशीपुरा इलाके की है, जो करीब 10 दिन पुरानी बताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की पूरी रकम हरियाणा के पानीपत निवासी विशाल कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है। मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए मुरार पुलिस की एक टीम पानीपत रवाना हो गई है। म्यूल अकाउंट होने की आशंका पुलिस को आशंका है कि विशाल कुमार का बैंक खाता म्यूल अकाउंट हो सकता है। यानी इस खाते को किराये पर लेकर ठगों ने रकम ट्रांसफर कराई है। पुलिस अब इस खाते के जरिए ठगों तक पहुंचने की चेन तैयार कर रही है। चालान के नाम पर हुई ठगी काशीपुरा, वर्षा कॉन्वेंट स्कूल के पास रहने वाले शिवनारायण धाकड़ एक निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन हैं। जनवरी महीने में उनके मोबाइल पर आरटीओ चालान के नाम से एक एपीके फाइल आई, जिसे उन्होंने डाउनलोड कर लिया। बाद में उन्होंने यह बात अपने बेटे को बताई, जिस पर बेटे ने फाइल को फर्जी बताया। इसके बाद शिवनारायण ने फाइल से कोई छेड़छाड़ नहीं की और मामला भूल गए। करीब 20 दिन तक कुछ नहीं हुआ, लेकिन कुछ दिन पहले उनके मोबाइल पर 90 हजार रुपए निकलने का मैसेज आया। बेटे से पूछने पर उसने रुपए निकालने से इनकार कर दिया। इसके बाद जब शिवनारायण बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते से 90 हजार रुपए एक अन्य खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं। इतना ही नहीं, ठगों ने उनके खाते पर 5 लाख रुपए का ऑनलाइन जम्बो लोन और क्रेडिट कार्ड के जरिए 66 हजार रुपए से अधिक का इंस्टेंट लोन भी ले लिया था। यह जानकारी मिलते ही पीड़ित के होश उड़ गए। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगी की पूरी रकम हरियाणा के पानीपत में विशाल कुमार के खाते में ट्रांसफर हुई है। मामले की गहन जांच के लिए पुलिस टीम हरियाणा भेजी जा रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *