SBI के इंटरनल सस्पेंस अकाउंट का मिसयूज:चीफ मैनेजर अरेस्ट, 8 महीनों में 2.78 करोड़ निकाले, ट्रेडिंग में लगाए पैसे

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए ब्यूरो ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर विजय कुमार आहके को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई SBI क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर की शिकायत पर की गई। आरोप है कि विजय कुमार आहके ने बैंक के इंटरनल सस्पेंस अकाउंट का दुरुपयोग करते हुए करीब 2 करोड़ 78 लाख रुपए की अवैध निकासी की। बताया जा रहा है कि इस राशि का उपयोग उन्होंने ट्रेडिंग गतिविधियों में किया है। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, ब्यूरो में 17 दिसंबर 2025 को अपराध क्रमांक 67/2025 दर्ज किया गया था। आरोपी उस समय स्पेशलाइज्ड करेंसी मैनेजमेंट ब्रांच (SCAB) का प्रमुख था, जो अन्य शाखाओं को नकद आपूर्ति और प्रबंधन का कार्य करती है। यह शाखा बैंक की सबसे संवेदनशील शाखाओं में मानी जाती है। कैसे किया गया घोटाला ? जांच में सामने आया कि आरोपी ने बैंक के ऐसे इंटरनल ऑफिस अकाउंट (सस्पेंस अकाउंट) का उपयोग अपने ट्रेडिंग शौक के लिए किया। जिसकी कोई तय सीमा नहीं होती। करीब 8 महीनों में 2,78,25,491 रुपए की राशि फर्जी प्रविष्टियों के जरिए निकाली गई। उसे अपने और पत्नी के खातों में ट्रांसफर किया गया। सिस्टम को ऐसे किया बाइपास आरोपी ने बैंक के रेड फ्लैग इंडिकेटर (RFI) सिस्टम को चकमा देने के लिए तय 30 दिन की अवधि से पहले ही फर्जी एंट्री कर रकम का रोल ओवर कर दिया, ताकि कोई अलर्ट जनरेट न हो। शुरुआती महीनों में 3-4 फर्जी एंट्री की गईं, जबकि बाद में इनकी संख्या कई गुना बढ़ा दी गई। ट्रेडिंग में लगाया सरकारी पैसा निकाली गई राशि को आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी, ऑप्शन्स और कमोडिटी ट्रेडिंग में निवेश किया। इसके लिए धन ऐप और डेल्टा एक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। सर्च में मिले अहम सबूत आरोपी के रायपुर स्थित निवास पर सर्च कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं। गिरफ्तारी और आगे की जांच पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 18 दिसंबर 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। ब्यूरो का कहना है कि मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका, सुपरवाइजरी स्तर पर हुई चूक और ड्यू डिलिजेंस की कमी की भी जांच की जा रही है।

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