दतिया में अवैध शराब पर कार्रवाई करनी पहुंची पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। कार्रवाई के डर से 3 महीने के मासूम बच्चे को छोड़कर परिवार भाग निकला। SDOP ने बच्चे को रोता देख न सिर्फ उसे गोद में उठाया बल्कि उसे दूध पिलाकर सुलाया भी। इस दौरान टीम ने हजार लीटर कच्ची हाथ भट्टी शराब और भारी मात्रा में गुड़ लहान नष्ट किया। यह है पूरा मामला
दतिया पुलिस एवं आबकारी विभाग संयुक्त रूप से अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर दबिश दे रही है। पिछले कई दिनों से यह कार्रवाई चल रही है। 25 जनवरी को टीम को सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान लोग घरों से भाग गए। यहां मासूम बच्चे ही बचे थे। दबिश के दौरान एक अत्यंत मार्मिक एवं मानवीय दृश्य सामने आया। एसडीओपी अनुभाग दतिया आकांक्षा जैन को छत पर एक नवजात शिशु (लगभग तीन माह) अत्यधिक सर्दी में अकेला, भूखा एवं रोता हुआ दिखा। शिशु की दयनीय स्थिति को देखते हुए एसडीओपी दतिया ने बिना किसी विलंब के उसे अपनी गोद में उठाया और तत्काल दूध मंगवाकर शिशु को पिलाया। कड़ाके की ठंड को देखते हुए नवजात के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था कर उसे कपड़ों में लपेटकर सुरक्षित एवं सहज किया गया, जिससे शिशु शांत हुआ। शिशु को उसकी बड़ी बहन के सुपुर्द कर आवश्यक समझाइश भी दी गई। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने कहा कि यह कर्तव्यनिष्ठा एवं करुणामय व्यवहार पुलिस की संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज के कमजोर और असहाय वर्ग के प्रति इस प्रकार की संवेदना पुलिस की सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करती है। कच्ची शराब और गुड़लहान किया नष्ट पुलिस की संयुक्त टीम ने आबकारी वृत्त दतिया ‘ब’ के अंतर्गत फुलरा कंजर डेरा क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सुमिती पत्नी आशीष कंजर (21) के कब्जे से 45 लीटर कच्ची हाथ भट्टी शराब जब्त की गई। वहीं, अज्ञात आरोपियों के ठिकाने पर जमीन के अंदर दबाकर रखे गए 27 ड्रमों में लगभग 5400 लीटर कच्ची हाथ भट्टी मदिरा और 45 ड्रमों में करीब 9000 किलो गुड़लहान पाया गया। 30 लाख की सामग्री जब्त की
जमीन में गहराई में दबे होने के कारण मदिरा और गुड़लहान को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। सैंपल लेने के बाद मौके पर ही 5400 बल्क लीटर मदिरा,करीब 19 हजार किलो गुड़लहान, 72 ड्रम और दो मदिरा निर्माण मशीनें नष्ट की गईं। कुल जब्त और नष्ट सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 30.81 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में मध्य प्रदेश आबकारी एक्ट के तहत दो केस दर्ज किए गए हैं। इस संयुक्त कार्रवाई में आबकारी और पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।


