अमृतसर में सच्चखंड श्री दरबार साहिब में उस समय हंगामा हो गया जब तरनतारन पुलिस की सीआईए टीम ने परिक्रमा से दो युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कड़ा ऐतराज जताया। एसजीपीसी की टास्क फोर्स ने कार्रवाई करते हुए दो पुलिस कर्मचारियों को पकड़कर कमरा नंबर 50 में बंद कर दिया। यह घटना बिना किसी पूर्व सूचना के पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में हुई। एसजीपीसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्री दरबार साहिब में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। यदि पुलिस को किसी व्यक्ति की तलाश हो या उसे गिरफ्तार करना हो, तो इसकी जानकारी पहले शिरोमणि कमेटी को देना अनिवार्य है। तरनतारन पुलिस ने न तो एसजीपीसी को भरोसे में लिया और न ही स्थानीय गलियारा चौकी को कोई सूचना दी। बाद में पुलिस कर्मियों को किया रिहा सूत्रों के अनुसार, टास्क फोर्स द्वारा हिरासत में लिए गए दोनों पुलिस कर्मचारियों को तब तक न छोड़ने का फैसला लिया गया था, जब तक पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरी कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी नहीं देते। एसजीपीसी ने कहा कि वह कानून का सहयोग करती है, लेकिन बिना पूछताछ या पूर्व सूचना के पवित्र स्थल से किसी को भी इस तरह उठाकर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस घटना के बाद दरबार साहिब परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरोमणि कमेटी के पदाधिकारियों से संपर्क साधा। जानकारी साझा करने के बाद पुलिस कर्मचारियों को छोड़ दिया गया, जिसके बाद वे अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।


