सिरोही ब्लॉक के गौतम भवन गोयली परिसर में तीन दिवसीय गुणवत्ता प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को गुणवत्ता प्रबंधन, उत्पाद मानकीकरण और बाजार से प्रभावी जुड़ाव के लिए सक्षम बनाना था। यह कार्यक्रम राजस्थान सरकार के आयुक्त उद्योग, वाणिज्य एवं CSR विभाग द्वारा संचालित किया गया। इसमें सिरोही क्षेत्र की विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से चयनित 30 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। नाबार्ड कंसल्टेंसी से प्रवीण कुमार ने इस संबंध में जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उत्पाद गुणवत्ता, प्रबंधन सुधार, ब्रांड निर्माण, पैकेजिंग, मूल्य निर्धारण और विपणन रणनीतियों से अवगत कराया गया। मास्टर ट्रेनर सुनीता बैरवा ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और उत्पादों की पहचान सुदृढ़ करने की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का समापन उद्योग एवं वाणिज्य सिरोही के महाप्रबंधक सहीराम बिश्नोई के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी और वरिष्ठ समाजसेवी गोपाल सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि प्रेम कुमार और राजीविका ब्लॉक मैनेजर निधि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समाजसेवी राजुभाई माली और व्यापार संघ सिरोही के अंकुर रावल भी मौजूद थे। मुख्य अतिथि सहीराम बिश्नोई ने अपने संबोधन में उद्योग विभाग की सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार महिलाओं को कौशल विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न योजनाओं से जोड़ रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। राजीविका से निधि ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्थानीय बाजार के साथ-साथ डिजिटल मार्केटिंग के अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम में गीता, रंगीला, एहनल बानू, विमला, प्रकाश कंवर सहित मास्टर ट्रेनर राजेश बिश्नोई, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का मंच संचालन सुनीता बैरवा ने किया।


