सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती को रद्द करने को लेकर हाई कोर्ट में एक और याचिका दायर हुई है। अभ्यर्थी मनीष चौधरी ने याचिका दायर करके कहा कि हमने भर्ती में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए करीब डेढ़ साल पहले (5 अगस्त 2023) सीएम, डीजीपी, आरपीएससी और एसओजी को रिप्रेजेंटेशन (प्रतिवेदन) दिया था। हालांकि हमारे प्रतिवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मनीष चौधरी के वकील ओम प्रकाश सोलंकी ने बताया- याचिकाकर्ता की ओर से हमने 5 अगस्त 2023 को ही प्रतिवेदन देते हुए कहा था कि एसआई भर्ती में भारी गड़बड़ी हुई है। जालोर क्षेत्र से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का चयन होना सामान्य घटना नहीं हो सकती है। वहीं एक ही समाज और एक ही परिवार के कई लोगों का चयन होना भी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। बाबूलाल कटारा ने एसआई भर्ती के पेपर में गड़बड़ी नहीं की हो, ऐसा नहीं लगता
इसके साथ ही हमने कहा था कि आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा को टीचर ग्रेड-2 भर्ती का पेपर 60 लाख रुपए में लीक करने के आरोप में पकड़ा था। ऐसे में बाबूलाल कटारा ने एसआई भर्ती के पेपर में गड़बड़ी नहीं की हो, ऐसा नहीं लगता है। हालांकि तत्कालीन सरकार ने हमारे प्रतिवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद हमने 14 अगस्त 2023 को आरपीएससी में आरटीआई लगाकर चयनित अभ्यर्थियों की जानकारी सहित अन्य दस्तावेज मांगे। इसकी जानकारी भी हमें नहीं दी गई। ऐसे में हमने अब अदालत में याचिका दायर करके कहा है कि पेपरलीक होने के कारण पूरी भर्ती को रद्द किया जाना चाहिए। भर्ती को लेकर सरकार के स्तर पर बातचीत हुई
वहीं दूसरी तरफ जस्टिस समीर जैन की अदालत में आज सुबह अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने सूचना देते हुए कहा- भर्ती को लेकर सरकार के स्तर पर विचार-विमर्श हुआ है। सरकार के निर्णय से गुरुवार को कोर्ट को अवगत करा दिया जाएगा। ऐसे में आज सुनवाई को टाल दिया जाए। कोर्ट में मौजूद याचिकाकर्ता के वकील हरेंद्र नील ने भी इस पर आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद अदालत ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी।


