एसआईआर के तहत एएसडीआर (एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड, रिपीट) सूची में डाले गए वोटरों के वेरिफिकेशन के लिए मंगलवार को अफसर दोबारा मैदान में उतरे। देर रात तक 525 अफसरों की टीम को 2 लाख 7 हजार 378 वोटर्स के वेरिफिकेशन का लक्ष्य दिया गया था। दावा है कि करीब 1 लाख 60 हजार मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा कर लिया गया। दक्षिण-पश्चिम के पोलिंग बूथ 73, 74 और 75 (प्रेमपुरा) स्थित भदभदा बस्ती के 450 से ज्यादा लोगों के घर 22 फरवरी 2024 में खाली कराए जा चुके हैं। सभी यहां से शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन लिस्ट में नाम दर्ज थे। पटवारी अनुराधा पटेल ने पंचनामा बनाकर इन्हें शिफ्टेड कैटेगरी में डाला। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता नरेला पहुंचे। यहां जर्जर भवनों में 300 से ज्यादा वोटर्स के नाम दर्ज मिले, जहां न बिजली है और न ही रहने की स्थिति। इन्हें भी शिफ्टेड श्रेणी में शामिल किया गया। गोविंदपुरा के बूथ 313 में भी 250 से ज्यादा वोटर्स शिफ्टेड पाए गए। दावा… एक दिन में 1 लाख 60 हजार मतदाताओं का वेरिफिकेशन कई मतदाता विदेश शिफ्ट
गुलमोहर कॉलोनी में किसी का बेटा यूएस चला गया है, तो किसी ने ऑस्ट्रेलिया जाने की जानकारी दी। इन्हें भी शिफ्टेड कैटेगरी में डाला गया। अनकलेक्टेबल श्रेणी के मतदाताओं की जांच के लिए कुल 551 अधिकारी, बीएलओ और सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। मैपिंग बढ़ी, नो मैपिंग वाले घटे
क्रॉस चेक अभियान में नो-मैपिंग वाले वोटर्स की संख्या घट रही है। सोमवार को यह 1 लाख 23 हजार 861 थी, जो मंगलवार को घटकर 1 लाख 22 हजार 597 रह गई। अनकलेक्टेबल श्रेणी में भी 1294 की कमी आई है। वहीं, मैप किए गए वोटर्स की संख्या 2558 बढ़ी है। जो नाम कटने हैं, उन्हें 100% क्रॉस चेक करें 18 दिसंबर के बाद से नो मैपिंग और एएसडीआर लिस्ट वाले वोटरों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। एएसडीआर वाले वोटरों को नोटिस भी नहीं भेजा जाएगा। संभागायुक्त संजीव सिंह ने मंगलवार को राजनीतिक दलों और सभी एसडीएम की बैठक लेकर निर्देश दिए कि बिना पूरी जांच के किसी भी मतदाता का नाम न काटा जाए। नो-मैपिंग के आधार पर नोटिस पाने वाले मतदाताओं को दो से तीन मौके दिए जाएं, इसके बाद ही नाम हटाएं। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी इस प्रक्रिया पर निगरानी रखने को कहा।


