छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया जारी है। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने एक जरुरी निर्देश जारी किए है। जिसके मुताबिक, SIR फार्म भरने के दौरान मतदाता गलत जानकारी देता है या दस्तावेज अटैच करता है तो उसे 1 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, चुनाव आयोग ने SIR को लेकर मतदाताओं को अलर्ट भी किया है कि फार्म भरने के दौरान बीएलओ OTP नहीं मांगते है और ना ही फोन के माध्यम से निर्वाचन आयोग का कोई भी कर्मचारी किसी भी मतदाता से ओटीपी पूछता है। पर्सनल जानकारी मांगने पर किसी को ना बताए। ऐसा होने पर थाने में शिकायत कर सकते है। वहीं, SIR फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग भी की जा रही है। 63 हजार बीएलओ की ड्यूटी बता दें कि राज्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश पर 63 हजार 439 बीएलए-बीएलओ एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने में लगे हुए है। बीएलए-बीएलओ फॉर्म का वितरण कर रहे है और उनको डिजिटलाइज कर रहे है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने मुख्य रूप से लोगों को आगाह किया है कि गलत जानकारी देने से बचे और किसी को भी पर्सनल जानकारी या OTP ना बताए। अब पढ़े निर्वाचन आयुक्त ने क्या निर्देश दिया छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने 21 नवंबर को आदेश जारी किया है। आदेश में उन्होंने लिखा है, कि सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे कृपया ध्यान दें कि मृत व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति के संबंध में गणना प्रपत्र जमा करना, जो अब भारतीय नागरिक नहीं रहा है। उसका नाम निर्वाचक नामावली में एक से अधिक स्थानों पर मौजूद है। वह एक से अधिक स्थानों के संबंध में गणना प्रपत्र जमा करता है। इस प्रकार गणना प्रपत्र में एक ऐसी घोषणा करता है जो गलत है या जिसके बारे में वह जानता है या मानता है कि वह सत्य नहीं है। वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय है। SIR फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग वहीं, SIR फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की जा रही है। वर्तमान में फार्म भरने की प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (ADR ) के राज्य संजोयक गौतम बंद्योपाध्याय ने तिथि बढ़ाने की मांग की है। ताकि कोई मतदाता सूची से वंचित ना हो। गौतम बंद्योपाध्याय ने मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी चल रही है। ज्यादातर लोग इस प्रक्रिया में व्यस्त है। जो SIR फार्म नहीं भर पा रहे। वहीं, इससे जुड़ी कुछ भ्रम पर भी मार्गदर्शन देने की मांग की है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 का मतलब रायपुर के एडवोकेट विपिन अग्रवाल ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसके तहत 1 साल की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकता है। अब पढ़े प्रदेश में कितने मतदाता है राज्य निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 27 अक्तूबर, 2025 की स्थिति के अनुसार 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता है। इनमें से 2 करोड़ 10 लाख 25 हजार 208 मतदाताओं को एसआईआर का गणना फॉर्म मिल चुका है। 21 नवम्बर 2025 तक प्रदेश में लगभग 65 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलाइज पूर्ण हो चुका है, जो प्रदेश के 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 31 प्रतिशत है। तीन बार घर पहुंचेंगे बीएलओ बीएलओ नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और घोषणा प्रपत्र एकत्र करेंगे। साथ ही वे दस्तावेजों की लिंकिंग और सत्यापन में भी मदद करेंगे। प्रत्येक घर पर वे कम से कम 3 बार जाएंगे। जो मतदाता घर पर नहीं मिलते या अस्थायी रूप से बाहर रहते हैं, वे ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकेंगे। बीएलओ मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट वोटरों की पहचान करेंगे। जिन मतदाताओं के फॉर्म मिल चुके हैं, उनके नाम प्रारूप सूची में जोड़े जाएंगे। जिनके रिकॉर्ड का 59 से मिलान नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी और पात्रता तय की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा—“हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।” …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… SIR फार्म भरने वाले अलर्ट, बीएलओ नहीं मांगते OTP: चुनाव आयुक्त बोले- पर्सनल जानकारी किसी को ना बताए, थाने में करे शिकायत छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी लगातार नई-नई तरकीबों के साथ बढ़ती जा रही है। साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) फार्म भरने के नाम पर ओटीपी मांगने का पैटर्न निकाला है। पढ़ें पूरी खबर…


