छत्तीसगढ़ में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) फॉर्म में गलत जानकारी और दस्तावेज देने पर एक साल की जेल और जुर्माना हो सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में सूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि मृत व्यक्ति या ऐसे लोग जो अब भारतीय नागरिक नहीं रहे हैं, उनका गणना प्रपत्र जमा न करें। इसी तरह जिनका नाम निर्वाचक नामावली में एक से अधिक स्थानों पर मौजूद है, और वह सभी जगह प्रपत्र जमा करते हैं, और गणना प्रपत्र में गलत घोषणा करते हैं तो यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय है। उधर, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का काम 4 नवंबर से जारी है। भास्कर एक्सपर्ट : विपिन अग्रवाल, वकील झूठी जानकारी देने पर एक साल जेल का प्रावधान
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31, मिथ्या जानकारी से संबंधित है। इसमें यदि कोई निर्वाचक नामावली में सम्मिलित या उसमें अपवर्जित किए जाने के बारे में घोषणा लिखित रूप से करता है जो गलत है। ऐसे मामले में 1 साल की जेल या जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।


