SIR में नया फॉर्मूला:लॉजिकल एरर वाले 2.64 लाख वोटर नहीं आ रहे, पेंडेंसी का डर, अब बीएलओ घर जाकर मांगेगा दस्तावेज

एसआईआर को लेकर अब वोटर में डर नहीं बचा है। इसी कारण वह नोटिस देने के बाद भी सुनवाई को लोग नहीं पहुंच रहे हैं। दूसरी तरफ सुनवाई में लगे अधिकारी परेशान हैं, कारण उनके यहां पेंडेंसी बनी हुई है। चूंकि अब लॉजिकल एरर वाले 2 लाख 64 हजार 624 वोटरों की और सुनवाई होनी है। इसलिए भारत निर्वाचन आयोग ने बीच का रास्ता निकाल लिया है। इन वोटरों के नाम भी नोटिस तो जारी होंगे पर यदि ये सुनवाई के लिए नहीं पहुंचने की स्थिति में हैं तो बीएलओ इनके घर पहुंचेगा। वह वहीं पर दस्तावेज और पावती लेगा, वोटर संग फोटो खींचेगा और फिर उसे अपलोड कर देगा। इस काम के लिए 87 नए अधिकारी नियुक्त हो चुके हैं पर नोटिस पहले से सुनवाई कर रहे 48 अफसरों के नाम से ही प्रिंट हुए हैं। गलती सिस्टम ने की, परेशान है वोटर: लॉजिकल एरर का जो आकड़ा है वह सिस्टम की गलती का परिणाम है। वर्तमान में जो 2 लाख 64 हजार 624 वोटर इस श्रेणी में हैं, उनमें छह से अधिक बच्चे वाले वोटर, पिता का नाम मिस मैच, पिता वोटर की उम्र में 15 या 50 साल का अंतर, दादा-वोटर की उम्र में 40 साल से कम अंदर दिखाई दे रहा है। यह लिस्ट सॉफ्टवेयर से निकली है पर परेशान वोटर हो रहा है। सुनवाई 2 फरवरी से प्रारंभ होनी है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *