राजस्थान में चल रही विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया इस समय विवादों के केंद्र में है। प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर नागौर और डीडवाना-कुचामन जिले में इस प्रक्रिया को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि सरकार के इशारे पर मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से काटे जा रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर अब नागौर सांसद और रालोपा (RLP) सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान सामने आया है। शेरानी आबाद और मकराना में फूटा जनता का गुस्सा SIR प्रक्रिया के तहत नाम काटे जाने के विरोध में कल मकराना में प्रदर्शन हुआ था, वहीं आज डीडवाना के शेराने आबाद में ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी ठोस आधार के उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। विपक्ष के नेता इस पूरी प्रक्रिया को सत्ता पक्ष की साजिश बता रहे हैं। सरकार और निर्वाचन आयोग पर बरसे बेनीवाल इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उन्हें पूरे प्रदेश से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। बेनीवाल ने कहा: ”कल से ही डीडवाना-कुचामन, मकराना और नागौर के शेराने आबाद से फोन आ रहे हैं कि जानबूझकर नाम काटे जा रहे हैं। सरकार को ऐसी ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देखना कि मतदाता आरएलपी का है, कांग्रेस का है या भाजपा का है और फिर नाम काटना लोकतंत्र को कमजोर करना है।” ’चुनाव आयोग की साख दांव पर’ सांसद बेनीवाल ने चुनाव आयोग को उसकी जिम्मेदारियों की याद दिलाते हुए कहा कि टी.एन. शेषन के समय से चुनाव आयोग ने अपनी जो निष्पक्ष पहचान बनाई है, उसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक मशीनरी ने पारदर्शिता नहीं बरती, तो जनता का शीर्ष संस्थाओं से भरोसा उठ जाएगा। राजनीतिक गलियारों में गरमाया मुद्दा SIR को लेकर राजस्थान की राजनीति पूरी तरह गरमा चुकी है। जहाँ एक तरफ प्रशासन इसे नियमित प्रक्रिया बता रहा है, वहीं बेनीवाल और अन्य विपक्षी दल इसे आगामी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश मान रहे हैं। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि अगर यह गड़बड़ी नहीं रुकी, तो देश गलत दिशा में जाएगा।


