विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत लापता मतदाताओं के नाम सार्वजनिक कराने और फर्जी मतदान रोकने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने सोमवार को छावनी चौराहे पर इस अभियान की शुरुआत की। कौशल ने बताया कि SIR की स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार इंदौर की सभी विधानसभा क्षेत्रों में 100% सर्वे पूरा हो गया है, लेकिन निर्वाचन कार्यालय ने अब तक संदिग्ध या लापता मतदाताओं की सूची सार्वजनिक नहीं की है। उनका कहना है कि जानकारी सार्वजनिक न होने से फर्जी मतदान और वोट चोरी की आशंका बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर नहीं मिले मतदाता अंतिम चरण में अचानक सामने आ सकते हैं। कौशल का कहना है कि SIR कार्यक्रम के दौरान 5.58 लाख मतदाता मौके पर नहीं मिले। कई बार निवेदन के बावजूद उनके गणना-पत्रक (फॉर्म) वापस नहीं बुलाए गए और न ही मौके का पंचनामा बनाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्वाचन आयोग कार्रवाई नहीं करता है तो वे न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे। 9 विधानसभा में 41,625 की मौत SIR रिपोर्ट के अनुसार इंदौर जिले की 9 विधानसभा सीटों में कुल 5,58,000 मतदाता मौके पर नहीं मिले हैं। 2023 विधानसभा: जीत-हार का कुल अंतर 4.17 लाख इंदौर की नौ विधानसभा सीटों पर 2023 के चुनाव में कुल जीत-हार का अंतर 4,17,717 वोट रहा। यह मुद्दा अब इंदौर की राजनीति में तेजी से गर्म हो रहा है और हस्ताक्षर अभियान के बाद इसे लेकर आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


