जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में आग के बाद मरीजों की आफत हो गई है। ट्रॉमा सेंटर के मुख्य ऑपरेशन थिएटर (OT) बंद हो गए हैं। गंभीर मरीजों के लिए 24 आईसीयू बेड और वेंटिलेटर सिस्टम की कमी हो गई है। दोनों आईसीयू वार्ड और ऑपरेशन थिएटर में आग से नुकसान हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, इस ऑपरेशन थिएटर में 8 ओटी टेबल हैं, जिन पर मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं। रोजाना औसतन 3-4 मरीजों को ऑपरेट किया जाता है। इसके अलावा पूरे ट्रॉमा सेंटर में 4 आईसीयू वार्ड हैं, जिनमें कुल 46 बेड की क्षमता है। इन आईसीयू में से न्यूरो आईसीयू के दोनों वार्ड में कुल 24 बेड (11+13) हैं। मशीनें या तो जल गई हैं, या तो खराब हो गई हैं। अब यहां भर्ती गंभीर मरीजों के लिए केवल 22 ही आईसीयू बेड बचे हैं। इन 22 में से 6 बेड इमरजेंसी में हैं, जबकि 16 पोली ट्रॉमा वार्ड में हैं। हमेशा फुल रहते हैं आईसीयू
ट्रॉमा सेंटर में ज्यादातर मरीज गंभीर अवस्था में (एक्सीडेंट वाले) आते हैं। अधिकतर मरीजों को आईसीयू की जरूरत रहती है। यही कारण है कि यहां हर रोज 4 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं। ये प्रदेश के सबसे बड़े ट्रॉमा सेंटर में शुमार है। यहां राजस्थान के अलग-अलग शहरों के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश से भी मरीज रेफर होकर आते हैं। नए अधीक्षक और ट्रॉमा इंचार्ज ने किया दौरा
पूरे घटनाक्रम के बाद सरकार ने एसएमएस अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी और ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज डॉ. अनुराग धाकड़ को पद से हटाकर उनकी जगह डॉ. मृणाल जोशी को अधीक्षक और डॉ. बीएल यादव को ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. जोशी और डॉ. यादव दोनों ने ही आज कार्यभार संभाल लिया है। दोनों ने सबसे पहले ट्रॉमा सेंटर के घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद पूरे ट्रॉमा सेंटर के एक-एक चैंबर में जाकर व्यवस्थाएं देखीं। छत पर चल रहे सिविल वर्क को भी देखा। कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. जोशी ने कहा- हमारा प्रयास रहेगा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और एचआर मैनेजमेंट में सुधार हो। मेरी प्रायोरिटी ये रहेगी कि एक बार पूरे हॉस्पिटल के इन्फ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी समेत अन्य संसाधनों की चेकिंग करवाई जाए। — SMS हॉस्पिटल अग्निकांड की ये खबरें भी पढ़िए… 1. जयपुर के SMS हॉस्पिटल में आग, 8 मरीजों की मौत:ट्रॉमा सेंटर के ICU में देर रात हुआ हादसा, शॉर्ट सर्किट होने का अनुमान 2. परिजनों का दावा – जलते मरीजों को छोड़कर भागा स्टाफ:20 मिनट पहले ही बताया था आग लगी; किसी का मुंह जला, किसी ने दम घुटने से तोड़ा दम 3. ‘पैरों में कांच चुभ गए, पत्नी को नहीं बचा सका’:SMS अस्पताल में आग के बीच अपनों को बचाने घुसे थे लोग,बोले- कंपाउंडर गेट बंद कर निकला 4. जयपुर के SMS हॉस्पिटल में आग भड़कने के 3 कारण:वार्ड में जहां बेड लगने थे, कबाड़ भर दिया; स्मॉक डिटेक्टर ने काम नहीं किया 5. SMS में आग से 8 की मौत का एनिमेशन VIDEO:आईसीयू में धुआं भरने से मरीजों का दम घुटा, परिजन बचाने की कोशिश करते रहे 6. SMS अग्निकांड में 16 से ज्यादा मरीजों को बचाया:चिल्लाने की आवाज सुनकर दौड़े, खिड़कियों के कांच तोड़े; मरीजों को उठाकर बाहर निकाला 7. 8 जान लेने वाली SMS-अस्पताल की आग 13 तस्वीरों में:ICU के मरीजों को सड़क पर रखना पड़ा, खुद परिजन लेकर भागे; मंत्री पर भड़के 8. कैसे जिंदगी देने वाला आईसीयू ‘मौत’ के कमरे में बदला:जयपुर हॉस्पिटल अग्निकांड: कबाड़ जला, स्मॉक डिटेक्टर फेल, जानें- सबसे बड़े 3 कारण


