हाथरस से किडनैप हुए जियो फाइबर के मैनेजर को STF ने मुरादाबाद में एनकाउंटर के बाद छुड़ाया। मैनेजर अभिनव बदमाशों के चंगुल से छूटकर अपने घर पहुंचे। उन्होंने कहा- अगर हाथरस पुलिस और एसटीएफ समय पर ना पहुंचती तो बदमाश उनकी जान ले लेते। अपहरण को लेकर कई सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम अभिनव भारद्वाज के घर पहुंची। अभिनव ने अपनी आपबीती बताई। कहा- पानी में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें पिलाया गया। बेहोश होने के बाद उनका अपहरण कर लिया। बदमाश उन्हें जबरन शराब पिलाते रहे। फिर मारते-पीटते पैसे मांगते। पढ़िए अपहरण की पूरी कहानी… अभिनव भारद्वाज ने बताया, 1 जनवरी को वह सिकंद्राराऊ गए थे। वहां उन्होंने कुछ काम निपटाए। उसके बाद सिकंद्राराऊ में अपने सहकर्मियों के साथ एक होटल में पार्टी में शामिल हुए। शाम करीब 7 बजे के उनका एक सहकर्मी उन्हें सिकंद्राराऊ के पंत चौराहे पर छोड़ गया। यहां शराब की दुकान के पास उन्होंने कुछ खरीदारी की। उन्होंने पानी की बोतल खरीदकर पानी पिया। उस पानी में पहले की कोई नशीली चीज मिला दी गई थी। पानी पीने के बाद वह बेहोशी के हालत में चले गए। घर जाने के लिए जैसे-तैसे एक टेंपो में बैठे तो बदमाशों में उन्हें टेंपो से उतारकर अपनी स्विफ्ट कार में डाल दिया। कार को अल्मोड़ा ले गए। वहां मैनेजर को एक मकान के अंदर बंद कर दिया। घरवालों से फोन कर मांगते थे पैसे…
मकान में कार सवार 4 लोगों के अलावा अन्य 5 लोग भी थे। वह सभी मैनेजर को बंधक बनाकर मारते-पीटते रहे। जबरन शराब पिलाते थे। घरवालों को फोन करके पैसे मांगते थे। व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल से बात कराई। मैनेजर ने बताया, एक-दूसरे की बातचीत के आधार पर चारों अपहरणकर्ताओं के नाम गोलू ठाकुर उर्फ यश, गौरव, गोलू उर्फ अंशुल और प्रशान्त पता चले। जो खुद को छतारी बुलंदशहर का बता रहे थे। इनके अलावा 5 अन्य लोग विक्की, सूजल कुमार, करण बिष्ट, विशाल कुमार और वीरेन्द्र अल्मोड़ा के रहने वाले थे। इन पांचों ने मुझे मकान में बंधक बनाकर रखा। शुक्रवार को मुझे यह कहकर कार में बैठाया गया कि चलो आज तुम्हारे घरवाले हमें पैसा देंगे। मुरादाबाद बस स्टैंड पर लिए पैसे
जियो के मैनेजर ने बताया, गाड़ी में गोलू ठाकुर उर्फ यश, गौरव, विक्की और विशाल कुमार उर्फ लाटा थे। सूजल कुमार और करण बिष्ट एक स्कूटी से थे। गोलू उर्फ अंशुल, प्रशान्त और वीरेन्द्र किसी दूसरे वाहन से थे। यह लोग मुझे स्विफ्ट गाडी में बैठाकर रामपुर लेकर आए। वहां पर मेरे एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की, लेकिन मैंने एटीएम का पिन गलत बता दिया था तो पैसे नहीं निकल सके। इस दौरान उन्होंने मुझे मारा-पीटा। पूरे रास्ते यह लोग मेरे ऊपर पिस्टल लगाकर रखते थे। कोई भी हरकत करने पर जान से मारने की धमकी देते थे। इसके बाद यह लोग मुझे लेकर मुरादाबाद बस स्टैंड आ गए। स्विफ्ट गाड़ी से गोलू ठाकुर उर्फ यश उतरा। वहां खड़े मेरे परिजनों से रुपए लिए। गाड़ी में बैठकर अपने साथियों को रुपए देकर गिनने के लिए कहा। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी ने इनकी गाड़ी रोक ली थी। पुलिस की फायरिंग में विशाल को लगी थी गोली…
तब इन लोगों ने पुलिस पर फायर कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने भी गाड़ी पर फायरिंग कर दी। पीछे मेरे बगल में बैठे विशाल की गर्दन के पास गोली लगी। इसके बाद यह लोग गाड़ी से उतरकर भागने लगे। भागते वक्त इन लोगों ने मेरा फोन गाड़ी में फेंक दिया था। मैनेजर ने बताया, हाथरस पुलिस और एसटीएफ के तत्काल एक्शन लेने की वजह से उनकी जान बची। वरना अपहरणकर्ता फिरौती की रकम लेकर उन्हें मार देते। अभिनव भारद्वाज शहर के नवल नगर में वरिष्ठ अधिवक्ता राधा माधव के मकान में पिछले 2 साल से किराए पर रहते हैं। अब पढ़िए पुलिस ने घटना को लेकर क्या कुछ बताया… होटल पर बदमाश पहले से मौजूद थे
हाथरस एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया, मैनेजर होटल पर सहकर्मियों के साथ पार्टी कर रहा था। वहां बदमाश पहले से मौजूद थे। उन्होंने भांप लिया था कि मैनेजर पैसे वाला है। होटल से निकलने पर बदमाशों ने उसका पीछा किया। बीच रास्ते से उसका किडनैप कर लिया। किडनैपिंग के बाद बदमाश उसके घर वालों से सौदेबाजी करने लगे। पुलिस सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुटी थी। बदमाशों ने परिवार के लोगों को फिरौती की रकम देने की जगह बताई। परिवार की जानकारी पर पुलिस और एसटीएफ की टीम पूरी प्लानिंग से मुरादाबाद पहुंची। वहां पुलिस ने घेरकर मैनेजर को छुड़ाया। एनकाउंटर करके 3 बदमाशों को पकड़ा। नैनीताल के होटल में हुई थी आरोपियों की दोस्ती
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया, अंशुल उर्फ गोलू, प्रशांत, गौरव, गोलू उर्फ यश और वीरेन्द्र आपस में दोस्त हैं। ये लोग नैनीताल घूमने जाते थे। वहां के एक होटल में करन विष्ट से उनकी दोस्ती हुई। करन ने ही अल्मोडा के रहने वाले सुजल, विशाल कुमार और विक्की उनकी मुलाकात कराई। एक जनवरी को अंशुल उर्फ गोलू से मिलने के लिए गोलू ठाकुर उर्फ यश, गौरव और प्रशान्त हतीसा आए। फिर सभी लोग स्विफ्ट गाड़ी से सिकन्द्राराऊ गए। वहां से उन लोगों ने जियो के मैनेजर अभिनव भारद्वाज का अपरहण करके उन्हें अल्मोडा ले गए। वहां करन विष्ट और सुजल के माध्यम से होटल में कमरा लेकर अभिनव को रखा। वहां
विशाल, विक्की और वीरेन्द्र भी आ गए। होटल में रहकर मैनेजर की निगरानी करते थे। अभिनव के फोन से टिल्लू ताजपुरिया गैंग का नाम लेकर परिवार को डराते-धमकाते और 20 लाख रुपए फिरौती की मांग करते। इन लोगों ने परिजनों को फोन करके मुरादाबाद बुलाया। 4 जनवरी को रात में अभिनव को लेकर फिरौती की रकम लेने के लिए मुरादाबाद आए। फिरौती का पैसा लेने के बाद आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। 3 एनकाउंटर में 7 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने शुक्रवार देर रात मुरादाबाद से जियो मैनेजर अभिनव भारद्वाज की बरामदगी कर ली थी। उस समय तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान धारानोला थाना क्षेत्र के राजपुरा निवासी विशाल, मालगांव के करण बिष्ट (20) और कनेली निवासी सुजल कुमार (19) के रूप में की गई। इसके कुछ घंटे बाद शनिवार को ही दूसरा एनकाउंटर हुआ। हर्बल पार्क के पास पुलिस ने एक आरोपियों को घेरा। बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार बदमाश गोलू ठाकुर उर्फ यश गुप्ता को गिरफ्तार किया। वहीं रविवार सुबह हाथरस कोतवाली पुलिस ने दो बदमाशों को रुहेरी कट के पास से मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, रुहेरी किंदौली नहर कट के पास तहसील सदर की ओर से एक बाइक पर सवार तीन व्यक्तियों को रुकने के लिए पुलिस टीम ने इशारा किया। आरोपियों ने बाइक की स्पीड बढ़ा दी। पुलिस टीम पर अचानक से फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो प्रशांत पुत्र महेश निवासी सहार थाना छतारी जिला बुलंदशहर और अंशुल उर्फ गोलू पुत्र नेम सिंह निवासी हतीशा थाना हाथरस गेट के पैर में गोली लग गई है। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इनके साथी वीरेंद्र उर्फ प्रिंस पुत्र सतीश निवासी दिनेशपुर, जिला रुद्रपुर, उत्तराखंड को भी कांबिंग कर गिरफ्तार कर लिया। ————————————————- यह खबर भी पढ़ें… किडनैपर की गर्दन में गोली मारकर Jio मैनेजर को छुड़ाया: हाथरस से किया था किडनैप; पत्नी को धमकाया- 20 लाख नहीं दिए तो लाश भेज दूंगा हाथरस से किडनैप हुए जियो फाइबर के मैनेजर को STF ने मुरादाबाद में एनकाउंटर के बाद छुड़ा लिया। शनिवार तड़के 5 बजे DM आवास के पास STF ने कार सवार बदमाशों को घेरा। बदमाश पुलिस पर फायरिंग करने लगे। मुठभेड़ में एक बदमाश के गले में गोली लग गई। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 2 बदमाश भाग गए। पुलिस ने थोड़ी देर बाद दूसरे एनकाउंटर में अन्य 2 बदमाशों को भी पैर में गोली मारकर पकड़ा। पूरी खबर पढ़ें


