उदयपुर में शहर के पुरोहितों की मादड़ी इलाके में उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। करीब 24 साल से कोर्ट में उलझे एक पुराने मामले का निपटारा होने के बाद, यूडीए ने करीब 56 बीघा बेशकीमती जमीन पर अपना विधिवत कब्जा जमा लिया। इस जमीन की बाजार में अनुमानित कीमत 150 से 160 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक अवाप्ति कार्यवाहियों में से एक माना जा रहा है। पूरा मामला पुरोहितों की मादड़ी स्थित अंडरब्रिज के पास की जमीन का है। करीब 12.5 हेक्टेयर यानी 56 बीघा के इस विशाल जमीन पर साल 2002 से ही विवाद चल रहा था और मामला अदालत में लंबित था। लंबी कानूनी लड़ाई और प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब दो महीने पहले, यानी 1 दिसंबर को यूडीए ने कोर्ट के आदेश पर जमीन का भौतिक कब्जा हासिल किया था। इसी कड़ी में शुक्रवार को यूडीए आयुक्त राहुल जैन के निर्देश पर टीम ने मौके पर पहुंचकर अंतिम कार्रवाई पूरी की। तहसीलदार रणजीत सिंह के नेतृत्व में यूडीए की टीम शुक्रवार सुबह ही भारी लवाजमे के साथ मौके पर पहुंच गई थी। वहां पर कुछ अस्थाई निर्माण किए गए थे, जिन्हें टीम ने मशीनों की मदद से हटा दिया। कब्जा लेने की प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह के विवाद या बाधा को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन पूरी कार्रवाई बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। किसी भी पक्ष की ओर से कोई विरोध देखने को नहीं मिला। कब्जा लेने के तुरंत बाद भविष्य में फिर से अतिक्रमण न हो, इसके लिए यूडीए ने मौके पर ही बाउंड्री वॉल यानी चारदीवारी बनाने का काम भी शुरू करवा दिया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारी सुरपाल सिंह के साथ यूडीए के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर तैनात रहे। यूडीए अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन शहर के भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी। इतने बड़ी जमीन बमिलने से अब प्राधिकरण वहां जनहित की बड़ी योजनाएं ला सकेगा। फिलहाल, पूरी जमीन को सुरक्षित करने के लिए घेराबंदी की जा रही है ताकि यह पूरी तरह से प्राधिकरण के नियंत्रण में रहे।


