माना स्थित बनरसी गांव में भड़कती आग के बीच घरों में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन का मॉकड्रिल किया गया। फायर बिग्रेड के जवानों ने जान की परवाह किए बिना घरों में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह मॉकड्रिल केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान नगर सेना माना कैम्प में किया गया।
गुरुवार को नए अग्निशमन वाहनों और नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय माना पहुंचे। इस दौरान 20 नई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों के लिए रवाना किया। उन्होंने कहा कि नई फायर ब्रिगेड से सुरक्षा और मजबूत हुई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की प्रशंसा की। उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा भी मौजूद रहे। आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी नई गति: साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेजी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। 20 नए वाहनों से प्रदेश में हो गए 161 अग्निशमन
उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8 हजार फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। अब विभाग के पास कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। शहीद अग्निशमन कर्मियों के लिए 20 तक सुरक्षा सप्ताह
अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।


