अग्रवाल समाज इंदौर फाउंडेशन का आयोजन:प्रयागराज महाकुंभ में इस्कॉन इंडिया हर दिन 60 हजार श्रद्धालुओं को कराएगा भोजन

प्रयागराज महाकुंभ मेले में इस बार इस्कॉन से जुड़े भक्तों और सेवादारों के सहयोग से प्रतिदिन 60 हजार श्रद्धालुओं को ताजा और गर्मागर्म भोजन प्रसादी उपलब्ध कराई जाएगी। इसी तरह श्री श्रीविद्याधाम तथा इंदौर-डाकोर खालसा एवं हंसदास मठ की ओर से भी पूरे माह शिविर पर आने वाले भक्तों और संतों के लिए भोजन, पेयजल, स्वल्पाहार, प्राथमिक चिकित्सा आदि की व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। अग्रवाल समाज इंदौर फाउंडेशन की ओर से प्रयागराज महाकुंभ मेले में जाने वाले संतों और विद्वानों के सम्मान समारोह के दौरान इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष एवं उत्तर भारत इस्कॉन के जोनल सेक्रेटरी महामनदास प्रभुजी ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने भक्तों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में भारतीय सनातन संस्कृति के इस महापर्व में पहुंचकर पुण्य लाभ जरूर उठाएं। बड़ी संख्या में उपस्थित थे साधु-महात्मा सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में इस अवसर पर श्री दत्त माउली संस्थान के प्रमुख सदगुरु अण्णा महाराज, राम मंदिर खातीपुरा के महामंडलेश्वर स्वामी रामगोपालदास, अखंडधाम के महामंडलेश्वर डॉ.स्वामी चेतन स्वरूप, अन्नपूर्णा आश्रम के प्रतिनिधि स्वामी जयेन्द्रानंद गिरि, स्वामी कृष्णबोधानंद गिरि, महामंडलेश्वर राधे-राधे बाबा, हंसदास मठ के युवराज महामंडलेश्वर पं. पवनदास महाराज, अखंड धाम के संत राजानंद, गजासीन शनि मंदिर उषानगर के महामंडलेश्वर दादू महाराज, महामंडलेश्वर बालकदास महाराज, भागवताचार्य पं. पवन तिवारी, रामायणी बाबा, पं. श्याम शर्मा, चिन्मय मिशन के स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती, पं. पवनानंद महाराज, म.प्र. ज्योतिष एवं विद्वत परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक, साध्वी अर्चना दुबे सारंगपुर, ब्रह्मकुमारी हेमलता दीदी, मां आनंदमयी आश्रम के प्रमुख स्वामी केदार बाबा, कबीरपंथी आश्रम के महंत कबीरदास सहित बड़ी संख्या में उज्जैन, ओंकारेश्वर, बड़वाह, सनावद एवं मालवांचल के विभिन्न धर्मस्थलों से आए 300 से अधिक संत-महंत भी मौजूद थे, जिन्होंने अग्रवाल समाज इंदौर फाउंडेशन की इस पहल को सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में एक सार्थक और सामयिक निर्णय बताया। लगभग सभी संतों ने इस अवसर को अपनी संस्कृति को समृद्ध बनाने वाला कदम बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन निरंतर और प्रत्येक सिंहस्थ, कुंभ, अर्धकुंभ और महाकुंभ में जाने वालों के लिए होना चाहिए। 144 वर्ष बाद परंपरा को सहेजना का प्रयास प्रारंभ में फाउंडेशन की ओर से संयोजक किशोर गोयल, संजय बांकड़ा, सीताराम मित्तल एवं हरि अग्रवाल ने फाउंडेशन के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति के 144 वर्ष बाद आने वाले महाकुंभ के प्रति समाज की इतनी उदासीनता अथवा सुस्ती को देखते हुए फाउंडेशन ने सामाजिक जन जागृति और चेतन्यता के उद्देश्य से यह आयोजन किया है। शहर के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों में पढ़ने वाले वेदपाठी बटुक भी इस अवसर पर मौजूद थे। अतिथि संतों का स्वागत मनोज अन्नपूर्णा, राजेश मित्तल, नितिन कालानी नगर, राहुल गोयल बंटी, रीतेश राजवंशी, स्वाति गोयल, वर्षा बंसल, ज्योति बंसल, संगीता गुप्ता ने किया। संयोजक गोयल ने बताया कि महाकुंभ मेले में जाने वाले संतों के स्वागत-सम्मान का यह सिलसिला जारी रहेगा। संचालन संजय बांकड़ा ने किया। आभार माना भावेश दवे ने।

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