अजमेर के दरगाह क्षेत्र में अपनी पहचान छिपाकर फूल उठाने व साफ-सफाई का काम करने वाला युवक बांग्लादेशी घुसपैठिया निकला। जिसे अजमेर जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सोलह खम्भा से पकड़ा। आरोपी ने पश्चिम बंगाल में मजदूरी की और बाद में ट्रेन में बैठकर अजमेर आया। अब तक दरगाह क्षेत्र में 55 बांग्लादेशी पकड़े जा चुके है। बांग्लादेश से अवैध रूप से आकर दरगाह क्षेत्र में छिपकर रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को डिटेन करने के लिए जिला पुलिस, दरगाह थाना व सीआईडी जोन की संयुक्त टीम बनाई गई, जो घुसपैठियों को तलाश कर उनके खिलाफ कार्यवाही करती है। टीम ने शनिवार को दरगाह बाजार, जालियान कब्रिस्तान, अन्दरकोट, नई सड़क, तारागढ़ की पहाड़ी, सिलावट मोहल्ला, बड़े पीर का चिल्ला, लंगर खाना गली व चस्मा ए नूर तारागढ़, त्रिपोलिया गेट, सोलह खम्भा व झालरा के ऊपर के अन्य संभावित क्षेत्रों से करीब 8-10 संदिग्ध खानाबदोशों को डिटेन कर उनसे पूछताछ की। बॉर्डर को क्रॉस करके आया था भारत
पूछताछ में से एक व्यक्ति के घुसपैठी होने का शक हो गया। उससे जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने तुरंत सच्चाई बताते हुए स्वयं को बांग्लादेशी नागरिक होना स्वीकार कर लिया। उसने स्वयं को अमीन बाजार, जिला मीरपुर, ढाका (बांग्लादेश) निवासी शेख सलीम (60) पुत्र शेख इब्राहिम बताया, जो कुछ समय पूर्व अवैध रूप से चोरी छिपे दर्शाना बॉर्डर को क्रॉस कर कोलकाता आ गया था। जहां 2 माह तक मजदूरी कर समय बिताया। दरगाह जियारत करने के बाद यहीं रुक गया
उसके बाद ट्रेन में बैठकर अजमेर आ गया और दरगाह जियारत करने के बाद यहीं रुक गया। उसके बाद दरगाह में ही फूल उठाने व साफ-सफाई का कार्य कर अपना जीवनयापन करने लगा। पुलिस उससे उसके अन्य बांग्लादेशी साथियों के विषय में भी पूछताछ कर रही है। अवैध रूप से आए बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध चला रखे विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 55 बांग्लादेशियों को दबोचा गया है।


