भास्कर न्यूज | बगोदर अतिक्रमण हटाने में प्रशासन भेदभाव बरते जाने का आरोप लगाकर बगोदर बचाओ संघर्ष समिति तथा बहुजन क्रांति मोर्चा के संयुक्त तत्वाधान में अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम शनिवार को बगोदर बस पड़ाव स्थित महेंद्र सिंह गोलंबर में शुरू िकया गया। समुचित कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। आरोप लगाते हुए संघर्ष समिति तथा बहुजन क्रांति मोर्चा के नेताओं ने कहा है कि बगोदर में अतिक्रमण हटाओं अभियान के नाम पर सिर्फ खाना पूरी की गई। 25 और 27 फरवरी को प्रशासन का बुलडोजर बगोदर में बजरंगबली मंदिर से लेकर महज थाना गेट तक तक पुरानी जीटी रोड पर सिर्फ उत्तर दिशा की ओर चला। जबकि दक्षिण दिशा में स्थित पुरानी जीटी रोड समेत सरिया रोड और बगोदर बस पड़ाव आज भी अतिक्रमण की जद में है। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन के बुलडोजर के बस पड़ाव में एक्शन में आने की बात तो दूर अतिक्रमणकारी दुकानदारों को हिदायत तक भी नहीं दी गई। जो भेदभाव को दर्शाता है। धरने पर बहुजन क्रांति मोर्चा के भिखीराम राम पासवान, बगोदर बचाओ संघर्ष समिति के मुमताज अंसारी, विश्वनाथ साहू, कुंजलाल साहू समेत अपनी दुकान गवा बैठे कुछ महिला-पुरुष दुकानदार भी हैं। धरना दिन के साथ-साथ रात में भी चलेगा। धरनार्थियों ने कहा है कि अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन के पूर्व दुकानदारों को नोटिस नहीं दी गई। वक्ताओं ने कहा कि मनमानी व भेदभाव के खिलाफ पीड़ित व्यवसायीयों ने 1 मार्च से शोषितों पीडितों के मसिहा रहे शहीद महेंद्र सिंह के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत अनिश्चितकालीन धरने की शुरूआत की गई। इधर, मोटर कामगार यूनियन सचिव दशरथ साव ने बगोदर बस पड़ाव में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन के बुलडोजर के एक्शन में नहीं आने से सवाल खड़ा किया है। पूछा है कि आखिर बस पड़ाव से अतिक्रमण कब हटेगा। उन्होंने कहा कि गाड़ी पड़ाव करने को लेकर बस पड़ाव निर्मित है। जो अतिक्रमण की चपेट में है। यहां गाडियां को पड़ाव करने में वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। इसी और ध्यान आकृष्ट करने के लिए एक पखवाड़ा पूर्व यूनियन की ओर से बगोदर बस पड़ाव के अतिक्रमण के खिलाफ प्रतिवाद मार्च का आयोजन किया गया था। मगर प्रशासन इस मामले पर खामोश है। कहा कि शीघ्र बस पड़ाव से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो यूनियन जोरदार आंदोलन करेगा। इधर बगोदर बचाओ संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा है कि कुंजलाल साहू के दुकान को इसलिए टारगेट कर दो चरणों में थोड़ा गया।


