भास्कर न्यूज | तरहसी तरहसी प्रखंड कार्यालय परिसर में बुधवार को अपनी मांगों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि जिन उम्मीदों को लेकर क्षेत्र की जनता ने उन्हें समर्थन देकर चुनाव जीताया था, उस उम्मीदों पर कोई भी प्रतिनिधि खरा नहीं उतर पा रहे हैं। उनके अधिकारों को नहीं देकर सरकार उनके साथ नाइंसाफी कर रही है। मांगों में 15वीं वित्त की राशि को विमुक्त करने, केरल की तर्ज पर मानदेय देने, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की प्रदत शक्तियों को क्रियाशील करने समेत अन्य शामिल है। कहा कि उनकी बातों को प्रखंड में कोई भी पदाधिकारी व कर्मी सुनने को तैयार नहीं है। प्रखंड व अंचल कार्यालय बिचौलियों का अड्डा बन गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने धरना के अंत में यह भी कहा कि उनकी मांगों पर सरकार सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं करती है तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। राज्य सरकार पंचायतों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही हैं। विकास कार्यों में देरी, योजनाओं में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और निर्णयों में सहभागिता की कमी ने त्रिस्तरीय प्रणाली को पंगु बना दिया है, जो लोकतंत्र के मूल स्वरूप के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अब केवल रबर स्टांप की भूमिका में नहीं रहेंगे। जनता ने उन्हें विश्वास और अधिकार देकर चुना है और वे उसका पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे, चाहे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। धरना को पूर्वी जिला परिषद सदस्य रूपवंती देवी, पश्चिमी के कृष्ण मुरारी सिंह, तरहसी के मुखिया पंकज सिंह, मंझौली टू की चांदनी सिंह, आरका के बबन प्रसाद, गुरहा के सबा फिरदौस, कसमार की संजू देवी, सेलारी की जहान आरा एवं अन्य ने संबोधित किया। अध्यक्षता मुखिया संघ के अध्यक्ष विजय शंकर पांडेय ने की, जबकि संचालन विधायक प्रतिनिधि सुजीत कुमार ने किया। धरना में जिला परिषद सदस्य, मुखिया व पंचायत समिति सदस्य शामिल थे। धरना के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से सीओ सह बीडीओ बालेश्वर राम को मांगों से सम्बंधित ज्ञापन सौंपा।


