अपने ही विधायक का नाम भूल गए मंत्री:सिफारिश के बावजूद नहीं हटीं महिला अफसर, पूर्व मुखिया के नजदीकी ने की मौजूदा मुखिया की तारीफ

सत्ता वाली पार्टी के प्रभारी कई मायनों में अलग हैं। उनके तेवरों से कई नेता परेशान रहते हैं। पिछले दिनों कुछ विधायक प्रभारी से मिलने गए। विधायकों से सत्ता और संगठन के बड़े नेताओं की पब्लिक इमेज से लेकर कामकाज तक के बारे में एक-एक बात को कुरेद-कुरेद कर पूछा गया। विधायकों ने कुछ मंत्री-नेताओं की पब्लिक इमेज पर सवाल उठाए तो एक बड़े नेता के बारे में कहा कि वे भोले हैं। इस पर प्रभारी ने काउंटर सवाल पूछ लिया कि क्या भोला होना सियासत में अच्छा है? इसे दूसरे शब्दों में कुछ और ही कहा जाता है। इस तरह की बातें दो नेताओं में हों तो छिपी रह जाती हैं, लेकिन कई नेताओं के बीच हो तो लीक होने से कौन रोक सकता है? मंत्री की सिफारिश के बावजूद नहीं हटीं महिला अफसर
सेहत वाले महकमे को संभालना और सब अफसरों में समन्वय रख पाना आसान काम नहीं है। विभाग के मुखिया भी कुछ अफसरों के साथ पटरी नहीं बैठा पा रहे। एक महिला IAS के तबादले की सिफारिश भी कर दी, लेकिन पिछले दिनों आई तबादला लिस्ट में नाम नहीं था। महकमे की एक महिला आईएएस जिले की मुखिया बनने की इच्छुक हैं, लेकिन फिलहाल दोनों को ही अगली आईएएस की तबादला लिस्ट का इंतजार है। छोटी मछलियों पर छापों के पीछे किसका हाथ?
एक सीमावर्ती जिले में पिछले दिनों मछली ठेकेदारों पर ताबड़तोड़ छापे मारे गए। इस जिले में चुनिंदा ही तालाब हैं, जिनमें मछली पकड़ने का ठेका दिया जाता है। सत्ता वाली पार्टी के एक नेता के तालाब पर भी छापा मारा गया। जुर्माना भी अच्छा खासा लगा दिया। छापेमार कार्रवाई में लोकल एसडीएम तक को भेजा गया। पड़ताल में पता लगा कि जिले के मुखिया के आदेशों के बाद यह कार्रवाई की गई। मछली वाला विभाग जो काम करता है उसमें जिले के मुखिया की क्या दिलचस्पी हो सकती है? अब सत्ता वाली पार्टी के नेता के मछली के ठेके पर छापा पड़ेगा और जुर्माना लगेगा तो बात जिले तक कैसे रह सकती है? इस बात की चर्चा सियासी हलकों में भी होने लगी। इस कार्रवाई को लेकर कई अफसर भी हैरान थे। पड़ताल में पता लगा कि जिनके आदेश पर छापे डाले गए। उनका मछली वाले विभाग से नाता रहा है। मछली ठेकेदारों ने सदा से चली आई रीति का पालन नहीं किया था तो बदले में कार्रवाई हो गई। पूर्व मुखिया के नजदीकी विधायक ने की मौजूदा मुखिया की जमकर तारीफ
सियासत में अच्छा, भला, बुरा, खराब जैसे शब्द देश काल परिस्थितियों के हिसाब से बदलते रहते हैं। सियासत में कोई स्थायी दोस्त-दुश्मन तो होता नहीं। सबसे बड़ी पंचायत में बजट सेशन के पहले दिन एक सत्ताधारी विधायक प्रदेश के मुखिया की तारीफों के पुल बांध रहे थे। विधायक को मुखिया का विधायक दल में दिया गया भाषण काफी पसंद आया। यहां तक कहा कि उन्होंने परिवार के मुखिया का एहसास करवाया। कई जानकार इस तारीफ के मायने ढूंढ रहे हैं। क्योंकि जो विधायक मौजूदा मुखिया की तारीफों के पुल बांध रहे थे, वे पूर्व मुखिया के नजदीकी हैं। अब इस तारीफ के पीछे कोई न कोई तो बात होगी। मंत्री ने साथी मंत्री के ओएसडी को बैरंग लौटाया
पिछले दिनों एक जूनियर मंत्री ने सीनियर मंत्री के यहां अपने ओएसडी को भेजा। सीनियर मंत्री को पहले से पता था, जूनियर मंत्री शहर वाली एजेंसी में किसी की अफसर को लगाने के लिए सिफारिश कर रहे थे। सीनियर मंत्री उस अफसर को लगाना नहीं चाहते थे। फोन पर ही कह दिया कि जिस अफसर की आप सिफारिश कर रहे हैं, उस पर आरोप हैं। जूनियर मंत्री ने अपने ओएसडी को मंत्री के घर ही भेज दिया, लेकिन मंत्री ने घंटों ओएसडी को मिलने का टाइम ही नहीं दिया। सीनियर मंत्री जब बाहर निकले तो ओएसडी वहीं बैठे दिखे। मंत्री ने साफ मना कर दिया। इस पूरे वाकये को और भी कई लोग देख रहे थे। मंत्री की कमजोर याददाश्त जगजाहिर हुई
पिछले दिनों सरकार के एक मंत्री कुछ विधायकों के साथ बैठे थे। सियासत की बातों के बीच ही फील्ड में लोगों से जुड़ाव की बात चली। मंत्री ने डेटाबेस बनाने के साथ-साथ हर जगह फील्ड में लोगों को उनके नाम से पुकारने की नसीहत देते हुए बड़े-बड़े दावे करने शुरू कर दिए। राजधानी के एक पड़ोसी जिले के तेजतर्रार विधायक भी कहां पीछे रहने वाले थे, उन्होंने भी बड़े-बड़े दावे किए। बातों ही बातों में विधायक ने मंत्री से खुद का नाम पूछ लिया। मंत्री दिमाग पर पूरा जोर लगाने के बाद भी विधायक का नाम नहीं बता पाए। विधायक ने छूटते ही कह दिया कि आप खुद के साथ रहने वाले विधायक का नाम नहीं जानते। फील्ड में क्या याद रखोगे? किसी को मंत्री की यह कमजोर याददाश्त ज्यादा चुभ गई तो बात बाहर आ गई। सुनी-सुनाई में पिछले सप्ताह भी थे कई किस्से, पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुखिया से रात के अंधेरे में कौन-कौन विपक्षी नेता मिले?:धर्मांतरण बिल में कैसे हुआ विधि का ‘वध’, पूर्व मंत्री के अश्लील वीडियो की चर्चा

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