भास्कर न्यूज | अमृतसर कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सोमवार को अमृतसर एयरपोर्ट पर मलेशिया से डिपोर्ट होकर लौटे भारतीय युवाओं के साथ मुलाकात की। उन्होंने मलेशिया से डिपोर्ट होकर लौटे भारतीय युवाओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर तस्वीर सांझा कर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टूरिस्ट और रोजगार वीजा पर मलेशिया गए कई युवाओं को वहां के एयरपोर्ट अधिकारियों ने न केवल रोका, बल्कि उनके साथ अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार किया गया। सांसद ने बताया कि युवाओं की शिकायतों से यह सामने आया है कि पूछताछ के दौरान पंजाबी समुदाय को विशेष रूप से निशाना बनाया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक सख्ती नहीं, बल्कि मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय गरिमा से जुड़ा मामला करार दिया। औजला ने कहा भारतीय नागरिकों के साथ विदेश में इस तरह का व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यह सिर्फ कुछ युवाओं की परेशानी नहीं, बल्कि देश के सम्मान का सवाल है। सांसद ने बताया कि युवाओं की आपबीती सुनने के बाद इस पूरे मामले को केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के संज्ञान में लाया जाएगा। साथ ही मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास से भी तत्काल संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की जाएगी। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बताया कि मलेशिया से तकरीबन 40 युवा डिपोर्ट करके भेजे गए। इनमें युवतियां भी थी। चार युवक अमृतसर के रहने वाले थे, जबकि बाकी पंजाब के विभिन्न जिलों से थे। यह सभी रविवार रात अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरे थे। वह एयरपोर्ट ही थे तो उनकी इन सभी से मुलाकात हो गई। डिपोर्ट हुए युवाओं को अपने दफ्तर बुलाया था, लेकिन सोमवार को वह नहीं आए। औजला ने कहा कि सरकार और प्रशासन देश के युवाओं की इज्जत, सुरक्षा और अधिकारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विदेश में रहने या यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले को गंभीरता से उठाया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आगे किसी भी भारतीय नागरिक को विदेश में बेइज्जती या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।


