नागौर शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने तथा यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शहर के 9 प्रमुख क्षेत्रों को भारी वाहनों के लिए नो एंट्री जोन घोषित किया गया है। यह निर्णय उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) की कमेटी द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट और जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुए अनुमोदन के बाद लिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर की सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करना और आमजन के सफर को सुरक्षित बनाना है। सुबह से रात तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी राजस्थान मोटर यान नियम 1990 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नागौर के 09 क्षेत्रों में ट्रक, ट्रेलर, डम्पर और कंटेनर जैसे भारी वाहनों के लिए सुबह 08.00 बजे से रात्रि 08.00 बजे तक नो एंट्री जोन घोषित किया गया है। इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में गुड़ला चौराहा से वल्लभ चौक, डीडवाना रोड फागली पुलिया से वल्लभ चौक, अठियासन पुलिया से मूण्डवा चौराहा और जोधपुर रोड पुराना बाईपास जैसे मार्ग शामिल हैं। इस अवधि के दौरान भारी माल वाहक वाहनों को शहर के मुख्य मार्गों के स्थान पर रिंग रोड और निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना होगा। व्यापारियों और आवश्यक सेवाओं के लिए विशेष राहत आम नागरिकों और व्यापारियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए प्रशासन ने कुछ श्रेणियों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा है। पेट्रोलियम पदार्थ, आवश्यक वस्तुएं, स्कूली वाहन (बालवाहिनी), एम्बुलेंस, दमकल और अर्धसैनिक बलों के वाहनों पर यह नियम लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, शहर के व्यापारियों द्वारा परचून, भवन निर्माण सामग्री, खाद-बीज, फल-सब्जी और कपड़ा आदि का माल लाने-ले जाने के लिए रात्रि 08.00 बजे से सुबह 08.00 बजे तक तथा दोपहर में 12.00 बजे से 01.00 बजे तक की विशेष छूट प्रदान की गई है। संकेतक बोर्ड लगाने और पालना के सख्त निर्देश जिला मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर से जारी यह अधिसूचना 27 जनवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी। प्रशासन ने संबंधित विभागों को इस आदेश की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिशाषी अभियंता (एन.एच. खंड) को निर्देशित किया गया है कि वे 24 जनवरी 2026 तक सभी चिन्हित मार्गों पर आवश्यक सूचना बोर्ड और संकेतक लगवाना सुनिश्चित करें। पुलिस और परिवहन विभाग को इन नियमों का कड़ाई से पालन करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


