झुंझुनू पुलिस द्वारा आमजन और विद्यार्थियों को अपराधों के प्रति सतर्क करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज बाबई के विज्ञान चिल्ड्रन एकेडमी, बबाई में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं और सुरक्षा सखियों को कानून की बारीकियों और आत्मरक्षा के तौर-तरीकों से रूबरू करवाया। साइबर सुरक्षा थानाधिकारी राजपाल ने छात्रों को बताया कि वर्तमान समय में इंटरनेट का उपयोग सावधानी से करना कितना अनिवार्य है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से दोस्ती न करने, निजी जानकारी साझा न करने और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की सलाह दी। पोक्सो (POCSO) अधिनियम एवं बाल अधिकार बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले पोक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से समझाया गया। विद्यार्थियों को ‘गुड टच और बैड टच’ के बीच का अंतर बताते हुए जागरूक किया गया कि यदि कोई उनके साथ दुर्व्यवहार करता है, तो वे बिना डरे अपने शिक्षकों, अभिभावकों या पुलिस को सूचित करें। यातायात नियमों की पालना सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों को हेलमेट लगाने, सीट बेल्ट बांधने और कम उम्र में वाहन न चलाने की हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अनमोल जीवन बचाने के लिए जरूरी है। बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए छात्रों को शपथ दिलाई गई। उन्हें बताया गया कि शिक्षा ही विकास का एकमात्र रास्ता है और बाल विवाह कानूनी अपराध होने के साथ-साथ शारीरिक व मानसिक विकास में भी बाधक है। छात्र-छात्राएं और सुरक्षा सखियां हुईं शामिल विज्ञान चिल्ड्रन एकेडमी के प्रांगण में आयोजित इस शिविर में करीब 900 से 1000 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान स्कूल की सुरक्षा सखियों को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे अपने आस-पड़ोस और स्कूल में महिलाओं व बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को रोकने में पुलिस की ‘आंख और कान’ बन सकें।


