भास्कर न्यूज| अमृतसर निगम का एमटीपी विभाग अवैध तरीके से बने 19 होटल-रेजीडेंशियल भवनों को सील करने की कार्रवाई कर वाहवाही तो लूट रहा है। लेकिन जब ये बिल्डिंग बनने शुरू होते हैं, तब ये टीमें क्यों सोई रहती हैं। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। बता दें कि एमटीपी विभाग ने वीरवार को सेंट्रल हलका में बनी सालों पुरानी बिल्डिंगों को सील करने के साथ ही बिल्डिंगों पर पीली टेप लगाकर लिखा है, डू नॉट एंटर इन दिस बिल्डिंग। निगम अफसरों का कहना है कि बिना नक्शा मंजूर ही यह बिल्डिंगें बनी हैं। इनको तोड़ने पर जो भी खर्चा आएगा वह मालिकों से लिया जाएगा। निगम कमिश्नर ने कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उसका सारा खर्चा भी बिल्डिंग बनाने वालों से वसूला जाएगा। की कार्रवाई में सील की गईं और तोड़ी गई बिल्डिंग का लेबर और अन्य सभी खर्चो का बिल तैयार किया जा रहा है। लोगों से अपील किया कि बिल्डिंग का नक्शा मंजूर करवा कर ही निर्माण कार्य कराएं। बता दें कि 7 दिन पहले डीसी साक्षी साहनी ने निगम अफसरों संग मीटिंग कर निर्देश दिया था कि शहर में किसी भी तरह की अवैध बिल्डिंग बन रहे या पूर्व में बनाई गई हो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। जिसके बाद निगम अफसर हरकत में आ गए हैं। लेकिन निगम अफसरों पर सवाल उठ रहे कि यह बिल्डिंग किसी भी इलाके में नियम विपरीत बना लिए जाते हैं। सालों काम चलता रहता है, लेकिन संबंधित विभागों को भनक क्यों नहीं लग पाती। सालों पुराने यह होटल व रेजीडेंशियल और अन्य तरह के जो भी बिल्डिंग निर्माण कार्य हुए हैं, जांच कराई जाए तो संबंधित इलाकों के अफसर भी कटघरे में आएंगे। फिलहाल जो अवैध बिल्डिंग बनकर तैयार हुए वह शेरा वाला गेट, बकरवाना बाजार, महा सिंह गेट, घी मंडी, बाग रामानंद और पुराने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कार्यालय के साथ लगती गली में हैं। इस मौके पर एमटीपी नरेंद्र शर्मा, एम टीपी मेहरबान सिंह, एटीपी वरिंदर मोहन, बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवजोत कौर व अन्य मौजूद रहे।


