तीनों जिलों में सबसे बड़ी अलवर बार एसोसिएशन के चुनाव में अभिमन्यू सिंह चौहान ने दो दिग्गज वकीलों का अभेद किला ढहाया है। जो बार के अध्यक्ष की कुर्सी पर लगातार करीब 17 सालों से जमे हुए थे। 8 बार बिट्टू शर्मा बार के अध्यक्ष रहे। वहीं 4 बार अनिल वशिष्ठ अध्यक्ष रहे हैं। लेकिन इस बार एडवोकेट अभिमन्यू सिंह चौहान ने अलवर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की कुर्सी छीन ली। अनिल वशिष्ठ इस बार चुनाव नहीं लड़े। वहीं बिट्टू शर्मा को 112 वोट से हराया है। इसके अलावा करीब 22 साल में पहली बार बार के कोषाध्यक्ष की कुर्सी अजय धार की बजाय अनिल कुमार के पास चली गई है। इससे पहले लगातार अजय धार का कब्जा रहा है। उनसे कोई कुर्सी नहीं छीन सका। इस बार भी कूलिंग पीरियड के नियम के अनुसार अजय चुनाव नहीं लड़ सके। जिसके कारण यह पद दूसरे के पास चला गया। 2007-08 में महादेव जांगिड़ बने थे अध्यक्ष अलवर बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष एडवोकेट विजयपाल यादव ने बताया कि 2007-08 में महादेव प्रसाद जांगिड़ अध्यक्ष बने थे। उसके बाद केवल एक बार उदय सिहं 2019-20 में बार के अध्यक्ष बने हैं। वरना लगातार बिट्टू शर्मा व अनिल वशिष्ठ के पास अध्यक्ष की कुर्सी रही है। इस बार अभिमन्यू ने दूसरे ही प्रयास में उनसे कुर्सी छीन ली। पिछले साल भी अभिमन्यू ने पहली बार चुनाव लड़कर 300 से अधिक वोट लिए थे। अजय धार 2002 से कोषाध्यक्ष बने रहे
अलवर बार एसोसिएशन के चुनाव में सबसे लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहने का रेकॉर्ड एडवोकेट अजय धार के पास है। वे करीब 22 साल से लगातार बार के कोषाध्यक्ष रहे। लेकिन दो साल पहले हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार इस बार चुनाव नहीं लड़ सके। नियम यह है कि दो साल लगातार किसी पद पर रहने के बाद चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है। इस कारण अजय ने चुनाव नहीं लड़ा। उनकी जगह 22 साल में पहली बार अनिल कुमार शर्मा को मिली है। एडेवाकेट विजय यादव ने बताया कि बार के नए अघ्यक्ष अभिमन्यू सिंह चौहान मिलनसार हैं। पहले प्रयास में उन्होंने 300 से अधिक वोट लिए थे। इस बार वकीलों ने उनको जिताने का मन बना लिया था। सबने उनकार साथ दिया और वो जीत गए। यह बड़ा बदलाव हुआ है। वहीं कोषाध्यक्ष बदलने की वजह कूलिंग परीयड वाला नियम रहा है। जिसके कारण पूर्व अध्यक्ष अजय धार चुनाव नहीं लड़ सके।


