अमलीपदर | भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य बाहुड़ा यात्रा में श्रद्धालुओं का सागर उमड़ पड़ा। अमलीपदर में आयोजित इस पवित्र आयोजन में उड़ीसा और छत्तीसगढ़ की सीमा पर बसे गांवों से हज़ारों की संख्या में भक्तजन जुटे। रथयात्रा और बाहुड़ा यात्रा की खासियत यह रही कि इसमें दोनों राज्यों के कोने-कोने से श्रद्धालु शामिल हुए और भक्तिरस में डूबे नज़र आए। शाम 5:30 बजे भगवानों को उनके-उनके रथों में विराजमान कर मंदिर की ओर वापसी कराई गई। मंदिर पहुंचने से पहले परंपरा अनुसार माता लक्ष्मी ने भगवान जगन्नाथ को मंदिर में प्रवेश से रोक दिया। इस दौरान रसगुल्ला भेंट कर भगवान जगन्नाथ ने माता लक्ष्मी को प्रसन्न किया। दोनों के बीच हुए भावपूर्ण संवाद और गीतों ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।


