अमायरा को इंसाफ दिलाने के लिए पैरेंट्स सड़कों पर, दिन में दिया धरना तो रात को निकाला कैंडल मार्च

लुधियाना| बीसीएम स्कूल चंडीगढ़ रोड सेक्टर-32 में हुए दर्दनाक बस हादसे में स्कूल जिंदगी गंवाने वाली छोटी बच्ची अमायरा की मौत से अब तक विभाग सबक नहीं ले पाया है। इस बस से हादसा हुआ था उसके कागज भी स्कूलों द्वारा पूरे नहीं करवाए गए थे। शहर में 1200 से अधिक प्राइवेट स्कूल है। इनमें 3000 से अधिक प्राइवेट बसें दौड़ रही हैं। इनमें से कई ऐसी स्कूल बसें हैं, जिनके कागज तक पूरे नहीं है। लेकिन न तो ट्रांसपोर्ट विभाग इस ओर कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही डीसी ऑफिस द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है। एक तरफ तो अधिकारी चुनाव में व्यस्त होने की बात कह रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर अन्य बसों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति की जा रही है । जानकारी के मुताबि हैड ऑफिस से चालान के टारगेट को पूरा करने के निर्देश आए हैं। इसे पूरा करने के लिए वीरवार को भी एटीओ द्वारा दिल्ली रोड पर प्राइवेट बसों के चालान काटे गए। आरटीओ विभाग ने 2 दिन लगातार चालान किए, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी बस के कागजात चेक नहीं किए। जबकि हादसे के बाद अधिकारियों ने कहा था कि सारी स्कूल बसों के कागजात चेक किए जाएंगे, जिनके कागजात अधूरे हुए उन पर बनती कार्रवाई की जाएगी। एटीओ अभिषेक बांसल ने बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा तुरंत प्रभाव से नाकाबंदी कर चेकिंग करने के निर्देश हुए थे। इसलिए उन्हें वीरवार को चेकिंग कर बसों के चालान करने पड़े। ट्रैफिक पुलिस से संपर्क कर शुक्रवार को इन स्कूलों की गाड़ियों पर कार्रवाई की जाएगी। प्राइवेट स्कूलों द्वारा बसों के कागज पूरे न करवाने व अनफिट बसों में बच्चों को भेजने के मामले में अब आम जनता में भी चर्चा होने लगी है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल अध्यापकों से भी इस संबंधी बात करनी शुरू कर दी है कि जिन बसों में बच्चे सफर रहे हैं उनके कागज पूरे करवाए जाए। भास्कर न्यूज | लुधियाना बीसीएम स्कूल सेक्टर-32 में स्कूल बस के नीचे आने की घटना के बाद बच्ची को इंसाफ दिलवाने की मांग को लेकर पैरेंट्स का धरना वीरवार को भी जारी रहा। पैरेंट्स जहां सुबह से ही थाने के बाहर बैठे रहे। वहीं, शाम को उन्होंने इलाके में कैंडल मार्च निकाला। पुलिस थाने के बाहर चल रहे धरने के दौरान पैरेंट्स ने ई-रिक्शा और ऑटो पर अमायरा को इंसाफ दिलाओ, दोषियों को सजा दिलवाओ की मांग के स्टीकर भी लगाए। अमायरा के पिता अनुराग सूद ने कहा कि हमारी एक ही मांग है जो भी इस घटना के जिम्मेदार हैं और दोषी हैं उन्हें सजा दी जाए। वहीं, स्कूल में हुई घटना के बाद सीएम भगवंत मान को पैरेंट्स द्वारा एक्शन लेने की मांग करते हुए ई-मेल भेजी। जिसे सीएम मान ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी एजुकेशन कमल किशोर यादव को जांच के लिए मार्क की है। पैरेंट्स ने कहा कि जब तक इंसाफ नहीं मिलता और प्रशासन की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा तब तक धरना जारी रहेगा। वहीं, वीरवार को पुलिस प्रभारी द्वारा परिजनों को मीटिंग के लिए भी बुलाया गया। हालांकि परिजनों के मुताबिक अभी कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिजनों की स्कूल प्रबंधन के खिलाफ चल रही कार्रवाई की मांग और सबूतों को मिटाने के आरोपों के बीच स्कूल प्रबंधन द्वारा भी बयान जारी किया गया। जिसमें घटना की निंदा की गई और स्कूल पर लगे आरोपों को गलत ठहराया गया। बयान के अनुसार कुछ सेकेंड में ही यह दुर्घटना हुई और बच्ची को तुरंत मेडिकल रूम के बाद हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वाहन के मालिक और ड्राइवर को पुलिस को सौंपा गया। सबूतों को मिटाने के आरोपों को भी नकारा गया है और पुलिस को डीवीआर सौंपने की बात कही गई है। वहीं, स्कूल में बच्चों को ड्रॉप करने के सिस्टम को बेहतर किया गया है।

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