अमृतसर पुलिस ने एक बड़े नार्को-हवाला रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4.526 किलोग्राम हेरोइन और 8.7 लाख रुपए की ड्रग मनी बरामद हुई है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह रैकेट गोइंदवाल जेल में बंद अर्शदीप सिंह चला रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में करनदीप सिंह उर्फ करन, जसप्रीत सिंह, अर्शदीप सिंह उर्फ अरस, गुरमीत सिंह उर्फ गीतू, रजिंदरपाल सिंह उर्फ निक्का और मलकीत सिंह शामिल हैं। जांच में पता चला है कि अर्शदीप अपने साथियों, जसप्रीत और करन के साथ मिलकर ड्रग्स और हवाला का कारोबार चला रहा था। करन, गुरमीत और राजिंदरपाल सीमा पार से नशीले पदार्थ मंगवाते थे। इसके बाद इन्हें पंजाब के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जाता था। पाकिस्तान भेजता था ड्रग्स से कमाए रुपए डीजीपी ने बताया कि जसप्रीत हवाला के जरिए ड्रग्स से कमाए गए पैसे दुबई होते हुए पाकिस्तान भेजता था। जेल में बंद अर्शदीप के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। यह फोन सीमा पार की गतिविधियों का अहम सबूत है। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में अगले-पिछले संबंध स्थापित करने के लिए और जांच जारी है। अन्य विवरण साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि अर्शदीप सिंह कॉमर्शियल एनडीपीएस केस के अंतर्गत जेल में बंद है। उन्होंने कहा कि जेल में बंद होने के बावजूद, उसने सरहद पार के तस्करों के साथ संपर्क बनाए रखा। आरोपी मलकीत सिंह बदनाम तस्कर : डीसीपी उन्होंने कहा कि एक अलग केस में गिरफ़्तार किया गया आरोपी मलकीत सिंह एक बदनाम तस्कर है और उसने एक साल दुबई में बिताया था, जहां वह पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में आया। उन्होंने बताया कि उसके गाँव की अंतरराष्ट्रीय सरहद के साथ नजदीकी के कारण दोषी ने दो महीने पहले भारत वापस आकर तस्करी शुरू कर दी। सीपी ने कहा कि डीसीपी रविंदरपाल सिंह और एडीसीपी जगबिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पुलिस टीमों ने यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की। उन्होंने बताया कि हेरोइन और ड्रग मनी बरामद करने के अलावा, पुलिस टीमों ने एक बाइक भी जब्त की है। उन्होंने बताया कि इस नैटवर्क के स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता लगाने के लिए और जांच जारी है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगियां होने की संभावना है।


