अमृतसर रेलवे पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महज कुछ घंटों के भीतर एक ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली है। यह हत्या केवल कुछ हजार रुपय के लेन-देन को लेकर की गई थी, जिसमें मृतक का दोस्त ही उसका कातिल निकला। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है। रेलवे थाना प्रभारी एसएचओ सुखविंदर सिंह सरां ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 और 3 फरवरी की दरम्यानी रात को वेरका रेलवे लाइन (अमृतसर–पठानकोट रेल मार्ग) पर एक युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ था। मृतक का सिर रेलवे लाइन पर था और गले पर तेजधार हथियार से वार किए गए थे। मौके पर कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड केस था। घर से निकलते समय दोस्त के साथ जाने की दी थी जानकारी पुलिस ने शव की तलाशी के दौरान मिले एक धुंधले आधार कार्ड के जरिए मृतक की पहचान अनू वर्मा निवासी बटाला रोड, अमृतसर के रूप में की। जांच में सामने आया कि अनू वर्मा बैटरी से चलने वाला ऑटो चलाता था। घर से निकलते समय उसने अपनी भाभी को बताया था कि वह पंकज कुमार नामक व्यक्ति के साथ लुधियाना जा रहा है और शक होने पर उसका मोबाइल नंबर भी दिया था। सीडीआर और लोकेशन से खुला राज; 5–7 हजार रुपये बना हत्या की वजह पुलिस ने तकनीकी टीम की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन की जांच की, जिसमें मृतक और पंकज की लोकेशन एक ही पाई गई। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों के बीच 5 से 7 हजार रुपय को लेकर विवाद चल रहा था। गुस्से में आकर पंकज ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अनू को रेलवे लाइनों पर बुलाया, जहां उसके हाथ-पैर पकड़कर पंकज ने तेजधार हथियार से गले पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी पंकज कुमार को गिरफ्तार कर अदालत से दो दिन का रिमांड हासिल किया है। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। रेलवे पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों को कड़ा संदेश गया है।


