अयोध्या में दलित युवती की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 3 युवकों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी दिग्विजय सिंह उर्फ बाबा है। वह उसी गांव का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों ने बताया, दिग्विजय का युवती के पिता के पास आना-जाना था। दो महीने पहले युवती के भाई ने दिग्विजय को पीटा था। इससे वह खुन्नस रखता था। 30 जनवरी को दिग्विजय अपने दो दोस्तों हरिराम कोरी और विजय साहू के साथ कॉलेज के पास नशा कर रहा था। इसी दौरान युवती कथा सुनकर लौट रही थी। तीनों ने उसे अकेले आते देखा तो जबरन कॉलेज के बाहर बने बाथरूम में खींच ले गए। वहां उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर बुरी तरह पीटा और उसकी हत्या कर दी। फिर हाथ-पैर बांधकर लाश 300 मीटर दूर सूखी नहर में फेंककर फरार हो गए। थोड़ी दूर पर कथा हो रही थी, ऐसे में युवती की आवाज दब गई। हालांकि, सोमवार सुबह SSP राजकरन नैय्यर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का जिक्र नहीं किया। उन्होंने सिर्फ 5 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा- पूछताछ में तीनों आरोपियों ने जुर्म स्वीकार कर लिया है। तीनों नशे में थे। नशे में ही वारदात की। टीमें इनसे पूछताछ कर रही हैं। कॉलेज के बाथरूम में बालू के ढेर पर रखी बोरी खून से सनी हुई थी। अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जारी नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि युवती की मौत खून ज्यादा बहने से हुई है। उसकी पसलियां टूटी थीं। शरीर पर 30 से अधिक चोटों के निशान थे। सवाल और प्रेस कॉन्फ्रेंस में SSP के जवाब… सवाल: आरोपियों तक पुलिस कैसे पहुंची?
SSP: घटनास्थल को देखने के बाद पुलिस की 4 टीमें गठित की गईं। पुलिस CCTV फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्य के साथ मुखबिर से मिली सूचना पर जांच कर रही थी। इसी दौरान आरोपी पकड़े गए। सवाल: मुख्य आरोपी कौन है? कितने लोगों को पकड़ा है?
SSP: तीनों आरोपी गांव के ही रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी दिग्विजय सिंह, हरिराम कोरी, विजय साहू हैं। घटना वाले दिन ये तीनों शराब के नशे में थे। इन्होंने घटना को स्वीकार किया है। सवाल: क्या आरोपी किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध रखते हैं?
SSP: अभी हमारी विवेचना में आरोपियों के किसी पार्टी से संबंध होने की बात सामने नहीं आई। उनसे पूछताछ की जा रही है। तीनों आरोपी मजदूर
तीनों आरोपी दिग्विजय सिंह, विजय साहू और हरीराम कोरी साथ में मकानों की पेंटिंग का काम करते थे। बाबा उर्फ दिग्विजय निजी आईटी कॉलेज में चौकीदार भी करता था। हरीराम कोरी अयोध्या जिले के पूरा कलंदर का रहने वाला है, वह अपनी ससुराल में रहता था। युवती की हत्या का पूरा मामला पढ़िए…
अयोध्या में एक फरवरी को 22 साल की एक दलित युवती की न्यूड लाश मिली थी। शरीर पर 30 से ज्यादा चोट के निशान थे। रस्सी से हाथ-पैर बंधे थे। युवती गुरुवार रात से लापता थी। परिजन ढूंढ रहे थे। शनिवार सुबह लड़की के जीजा ने गांव की सूखी नहर में उसकी लाश देखी थी। परिजनों ने बताया- युवती के शरीर पर कपड़े नहीं थे, उसकी दोनों आंखों पर चोट थी, जैसे नोचने की कोशिश की गई हो। चेहरे और सिर पर घाव थे। शरीर पर जगह-जगह जख्म दिख थे। जिन लोगों ने शव को कपड़े से ढककर उठाया, उनका कहना था कि पैर भी टूटा हुआ था। शव की हालत देखकर लड़की की बड़ी बहन और गांव की 2 महिलाएं बेहोश हो गईं। 30 जनवरी की रात से लापता थी
युवती 30 जनवरी की रात 10 बजे घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं आई। परिजन गांव में ही ढूंढते रहे। 31 जनवरी को अयोध्या कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजनों का आरोप था कि पुलिस युवती को खोजने के बजाय केवल खानापूर्ति करती रही। जिस नहर में लाश मिली वह गांव से महज 500 मीटर दूर है। पुलिस वालों ने 36 घंटे बाद मुकदमा दर्ज किया था युवती की भाभी ने बताया था- हमने पुलिस से कहा था कि मेरी ननद की हत्या हो गई है। आप लोग देखिए और तलाशिए। इसके बाद पुलिस वालों ने शाम को 36 घंटे बाद मुकदमा दर्ज किया था। हम लोग काफी परेशान थे लेकिन, उसका कहीं पता नहीं चल पा रहा था। अगले दिन सुबह यानी एक फरवरी को फिर तलाश शुरू की। स्कूल के बाहर खून के दाग दिखाई दे रहे थे। जो शौचालय के दरवाजे तक थे। हम लोग शौचालय में गए, तो वहां पर खून के धब्बे मिले। वहां एक बोरा पड़ा था, उस पर भी खून के निशान मिले थे। लड़की के जीजा ढूंढते हुए नहर की तरफ जा रहे थे, तो उन्हें पेड़ से बंधी हुई लाश दिखाई दी थी। परिजन बोले- हमारी बेटी के साथ रेप हुआ
परिजनों ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप हुआ। फिर उसे मार डाला गया। पुलिस के मुताबिक, लड़की की हत्या इसी स्पॉट पर की गई है। पुलिस को घटनास्थल से एक चप्पल भी मिली। इसके अलावा घटना स्थल से 200 मीटर दूर खून के धब्बे और खून से सनी चप्पल भी बरामद हुई थी। युवती के पिता ने बताया-पुलिस तो ऐसा ही रवैया अपना रही थी। हम जब शिकायत करने पहुंचे तो हमसे ही कहने लगी जाओ ढूंढो कहीं गई होगी आ जाएगी। पुलिस को सोचना चाहिए था कि जिस पिता की बेटी न मिले उस पर क्या गुजर रही होगी। हत्या के बाद सभी लोग आ रहे हैं, अब क्या है, मेरी बेटी तो वापस नहीं आ सकती। अयोध्या सांसद फूट-फूटकर रोए, योगी ने कहा-सांसद नौटंकी कर रहे अयोध्या में दलित युवती की हत्या पर सियासत शुरू हो गई है। रविवार को सपा सांसद अवधेश प्रसाद मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए। कहा- इस मुद्दे को लोकसभा में मोदी के सामने उठाऊंगा। न्याय नहीं मिला तो इस्तीफा दूंगा। हम बेटी की इज्जत बचाने में नाकामयाब हो रहे हैं। इतिहास क्या कहेगा? कैसे बिटिया के साथ ये हो गया। हे राम… माथा पीटते हुए कहा- प्रभु राम कहां हैं, सीता मां कहां हैं? हम इस्तीफा दे देंगे। यह हिंदुस्तान की सबसे बड़ी दर्दनाक घटना है। मैं मीडियाकर्मियों से प्रार्थना करता हूं, उस घर पर जाइए। जहां एक मां ने अपनी बेटी को खो दिया। अवधेश प्रसाद शनिवार रात को पीड़ित परिवार से मिले थे। आज सुबह उन्होंने होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। मीडिया कर्मियों को देखते ही सांसद फूट-फूटकर रोने लगे। वहीं, सीएम योगी ने अयोध्या के मिल्कीपुर की रैली में कहा- बेटी की हत्या में सपा का ही दरिंदा शामिल होगा। घटना पर सांसद नौटंकी कर रहे। ये लोग (सपाई) सुधरेंगे नहीं, क्योंकि कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं हो सकती है। पूरी खबर पढ़िए…


